पार्रीनाला के पास संचालित एक निजी स्कूल के कोरोना काल में बंद होने के बाद यहां अध्ययनरत बच्चों को दूसरे स्कूल में भर्ती कराया जाना था। पालक इन बच्चों के एडमिशन के लिए सालभर से शिक्षा विभाग के चक्कर लगाते आ रहे थे। परेशान होकर पालक कोर्ट की शरण में गए तब शिक्षा विभाग के अफसरों ने कलेक्टर को लिखित जवाब देने की हड़बड़ी में ऐसे अंग्रेजी माध्यम स्कूल में बच्चों का एडमिशन कराया जहां पर पांचवीं कक्षा संचालित ही नहीं है।
अब अफसर मामला दबाने के लिए इस स्कूल में कक्षा पांचवीं की कक्षा संचालित करने के लिए प्रस्ताव बनाकर अनुमति के लिए संचालनालय को भेजा गया है। आरटीई के तहत 61 बच्चों को एडमिशन दिलाना था। इनमें से सात बच्चों को सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पांचवीं कक्षा में एडमिशन दिलाना था पर शिक्षा विभाग के अफसरों ने कलेक्टर को रिपोर्ट देने की हड़बड़ी में गंज पारा स्थित अंग्रेजी स्कूल में भर्ती करा दिया पर यहां पर पांचवीं की कक्षा संचालित ही नहीं है। बीईओ एनके पंचभावे ने बताया कि डीईओ के निर्देश पर प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है ताकि शेष रह गए बच्चों को एडमिशन दिलाया जा सके। अनुमति मिलने पर यहां पर पांचवीं की कक्षा शुरू कराई जाएगी।
पालकों ने की शिकायत
पालकों ने कलेक्टर के पास लिखित में शिकायत कर दी। अब अपना बचाव करने के लिए अफसरों ने इस स्कूल में पांचवीं कक्षा शुरू करने के लिए प्रस्ताव बनाकर संचालनालय को भेज दिया है।
