किसान हितैषी निर्णय का स्वागत : रूपेश दुबे
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के विरुद्ध दर्ज मामले एवं अन्य राजनैतिक प्रदर्शनों के दौरान दर्ज मामले को वापस लेने का निर्णय लेकर कार्यवाही करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसी क्रम में राजनांदगांव जिले में किसानों के समर्थन में एवं किसानों के द्वारा किये गये प्रदर्शन के दौरान थाना कोतवाली के अपराध क्रमांक 502/2017 धारा 147, 188 आईपीसी सुरेंद्र दाऊ व अन्य सहित और 6 मामले को वापस लेने का निर्णय लिया है।
किसान आंदोलन में दर्ज उक्त प्रकरण में प्रारम्भ से निःशुल्क पैरवी करने वाले अधिवक्ता एवं जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रूपेश दुबे ने बताया कि यह निर्णय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की किसानों के प्रति सहृदयता का ही परिणाम है कि राज्य सरकार ने अपने हक की लड़ाई के लिए आंदोलनरत किसानों को बड़ी राहत दी है। ज्ञातव्य हो कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा किसानों के साथ किए जा रहे अन्याय के विरोध में जिले के किसान आंदोलनरत थे, उनके हक की लड़ाई में कांग्रेस ने उनका समर्थन करते हुए उनके साथ दिया था, लेकिन भाजपा सरकार ने कांग्रेस की ओर से समर्थनकारी पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुरेंद्र दाऊ तत्कालीन जिला पंचायत सदस्य व वर्तमान विधायक अनुसूचित जाति प्राधिकरण के अध्यक्ष भुनेश्वर बघेल, विधायक श्रीमती छन्नी साहू, जिला पंचायत सदस्य महेंद्र यादव सहित जिले भर के 32 किसानों के विरुद्ध अपराध दर्ज हुए थे, जिसके कारण उन्हें जेल यात्रा भी करनी पड़ी थी। प्रकरण वर्तमान में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राजनांदगांव के न्यायालय में लंबित होने के संबंध में छत्तीसगढ़ सरकार को अवगत कराते हुए किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रकरण को वापस करने का निवेदन किया गया था, जिस पर किसान हितैषी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए किसान आंदोलन से जुड़े उक्त प्रकरण को जनहित में वापस लेने का निर्णय लिया है, जो स्वागत योग्य है। इसके साथ ही पूर्व जिला अध्यक्ष नवाज खान व अन्य के 1, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चित्रलेखा वर्मा सहित अन्य के 1, जितेन्द्र मुदलियार व अन्य के 1 एवं निखिल द्विवेदी व अन्य के 2, महेंद्र वैष्णव व अन्य के भी 1 राजनैतिक प्रदर्शनों के दौरान दर्ज प्रकरण को वापस लेने का निर्णय लेकर कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है
