शहर में बड़े निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरे हैं। इसकी वजह ठेकेदार लॉकडाउन को बता रहे हैं। लेकिन बहुत से ऐसे छोटे-छोटे निर्माण कार्य भी हैं। जो अब तक शुरु भी नहीं हो सके हैं। जिनके लिए निगम प्रशासन ने ठेकेदारों को नोटिस जारी किया है। इसमें जल्द काम शुरु नहीं करने की स्थिति में ठेका निरस्त करने की चेतावनी दी गई है। शहर में पहले ही बूढ़ा सागर के सौंदर्यीकरण, एजुकेशन हब के निर्माण का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। इसकी वजह लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण को बताया गया। लॉकडाउन की वजह से काम बंद होने के चलते इन प्रोजेक्टों को समय पर पूरा नहीं होने का हवाला दिया गया है।
इधर दिग्विजय स्टेडियम का काम भी अब तक अधूरा है। जिसे लेकर कलेक्टर ने भी सख्ती दिखाई है। स्टेडियम के काम को महीनेभर के भीतर पूरा कर लेने की हिदायत दी गई है। इसी बीच निगम प्रशासन ने भी ठेकेदारों पर सख्ती दिखाई है। शहर में डेढ़ दर्जन से अधिक ऐसे काम हैं, जो वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद भी शुरु नहीं किया गया है। जिन्हें तत्काल शुरु करने की चेतावनी निगम प्रशासन की ओर से दी गई है।
समय पर काम शुरू करने कहा है
निगम के ईई यूके रामटेके ने बताया कि शहर अलग-अलग निर्माण कार्य के संबंध में 12 से अधिक ठेकेदारों को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में उन्हें समय पर काम शुरु करने की चेतावनी दी गई है। नोटिस के बाद भी जो ठेकेदार समय पर काम शुरु नहीं करेंगे, उनका टेंडर निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। ईई रामटेके ने बताया कि शहर में सड़क, नाली, मुक्तिधाम, तालाब सौंदर्यीकरण से लेकर अन्य छोटे-बड़े काम हैं, जिनका ठेका हो चुका है, लेकिन अब तक ठेकेदारों द्वारा काम की शुरु नहीं की गई है।
समय पर काम शुरू करने कहा है
निगम के ईई यूके रामटेके ने बताया कि शहर अलग-अलग निर्माण कार्य के संबंध में 12 से अधिक ठेकेदारों को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में उन्हें समय पर काम शुरु करने की चेतावनी दी गई है। नोटिस के बाद भी जो ठेकेदार समय पर काम शुरु नहीं करेंगे, उनका टेंडर निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। ईई रामटेके ने बताया कि शहर में सड़क, नाली, मुक्तिधाम, तालाब सौंदर्यीकरण से लेकर अन्य छोटे-बड़े काम हैं, जिनका ठेका हो चुका है, लेकिन अब तक ठेकेदारों द्वारा काम की शुरु नहीं की गई है।
काम लेने के बाद बढ़ी कीमत, यह भी बड़ी वजह
इधर ठेकेदारों ने बिल्डिंग मटेरियल के रेट बढ़ने के बाद भी बहुत से काम बंद कर दिए थे, वहीं कई काम शुरु भी नहीं किए थे। लॉकडाउन के दौरान से अचानक ही सरिया, सीमेंट, रेत सहित दूसरे बिल्डिंग मटेरियल के दामों में रिकार्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे ठेकेदारों ने खुद को बड़ा नुकसान होने की आशंका जताई है। कुछ ठेकेदारों ने बताया कि मटेरियल के वर्तमान कीमत पर काम करने से उन्हें काम में बड़ा नुकसान होगा। इसके चलते कार्य की गति थम गई है।
ऐसी स्थिति; अनलॉक के बाद भी कई काम अटके
निर्माण कार्यों को लेकर शहर सहित पूरे जिले में एक जैसी स्थिति है। वनांचल में कई सड़क स्वीकृत हैं, जहां काम की शुरुआत नहीं हो सकी है। वहीं लॉकडाउन में बंद हुए काम दोबारा शुरु नहीं हो सके हैं। वहीं दूसरे निकायों और पंचायतों में भी काम बंद पड़े हुए है। इसकी वजह मजदूरों की कमी को बताया जा रहा था। लेकिन लंबे समय से स्थिति जस की तस है।
