बसंतपुर की बिल्डिंग में संचालित मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की पेंड्री में शिफ्टिंग शुरू हो गई है। बेड से लेकर जरूरी उपकरणों को नई बिल्डिंग में ले जाया जा रहा है। इसके बाद यहां की बिल्डिंग का क्या होगा? अफसर संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं। इसलिए असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
शहर के लोग भी चिंतित हैं कि सामान्य सर्दी, खासी, बुखार होने पर इलाज कराने के लिए 5 किलोमीटर दूर पेंड्री जाना पड़ेगा। इसलिए शहरवासी मांग कर रहे हैं कि पुराने सेटअप के अनुसार 100 बेड का जिला अस्पताल इसी बिल्डिंग में संचालित किया जाए।
वहीं मदर एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल को भी यहीं संचालित करने की मांग उठ रही है। पूरा अस्पताल पेंड्री में शिफ्ट हो जाएगा तो उन बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी, जिन्हें आए दिन इलाज कराने के लिए अस्पताल आना-जाना पड़ता है। पेंशनर्स को भी दवाइयां लेने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ जाएगी।
शहर के लोग चिंतित हैं, करोड़ों की बिल्डिंग को खंडहर न होने दें, आम लोगों की सुविधा का ख्याल रखें
प्रशासन एक बार समीक्षा करे: संस्कार श्रद्धांजलि संस्था के अध्यक्ष सतीश भट्टड़ का कहना है कि शहर में पहले से ही जिला अस्पताल संचालित हो रहा था। इसके बंद हो जाने से कई दिक्कतें होंगी। पुराने सेटअप के अनुसार बसंतपुर में ही जिला अस्पताल का संचालन होना चाहिए ताकि सामान्य बीमारी के इलाज के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़ी। इसे लेकर एक बार समीक्षा कर लें।
व्यवहारिक दिक्कतें होंगी: भाजपा नेता सतीश कन्नौजे का कहना है कि गुरुद्वारा के पास पहले जिला अस्पताल संचालित होता था। इसके बाद बसंतपुर में शिफ्ट किया गया। जिला अस्पताल का अपना अलग सेटअप है। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल को तो पेंड्री जाना ही है पर जिला अस्पताल के बंद होने से व्यवहारिक दिक्कतें बहुत सी आएंगी। जिला अस्पताल का संचालन बसंतपुर में ही हो।
जनहित में हो निर्णय: युवा कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष चेतनभानुशाली का कहना है कि जिला अस्पताल तो बसंतपुर की बिल्डिंग में संचालित होना चाहिए। इसके लिए मुख्यमंत्री से लेकर स्वास्थ्य मंत्री तक बात रखी जाएगी। प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था तो बसंतपुर की बिल्डिंग में होनी ही चाहिए। समय रहते इसकी व्यवस्था हो। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल व जिला अस्पताल का अलग-अलग सेटअप है।
बचाव के लिए चलाएंगे अभियान: छात्र युवा मंच के संयोजक नागेश यदु का कहना है कि मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के लिए पेंड्री में बिल्डिंग है। जिला अस्पताल तो बसंतपुर की बिल्डिंग में पहले ही संचालित हो रहा था। इसलिए छात्र युवा मंच की ओर से जिला अस्पताल खोलने की मांग को लेकर लगातार अभियान चलाया जाएगा। जिला अस्पताल के नहीं रहने से शहर के लोग परेशान होंगे।
कोई जवाब नहीं आया: सिविल सर्जन डॉ यूके चंद्रवंशी ने बताया कि डायरेक्टर ऑफ हेल्थ सर्विस के अफसरों से संपर्क किया गया है पर उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया है। डॉ चंद्रवंशी का कहना है कि डायरेक्टेड से निर्देश मिलने पर यहां जिला अस्पताल का संचालन कर सकते हैं पर पूर्व में मर्ज संबंधित आदेश के तहत शिफ्टिंग करा रहे हैं। जिला अस्पताल संचालन संबंधित आदेश नहीं आया है।
