रेलवे ट्रैक पर मवेशियों के कटने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसे देखते हुए आरपीएफ के द्वारा विशेष जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत आरपीएफ की टीम गांव-गांव पहुंच रही है।
टीम दो दर्जन से अधिक ऐसे गांवों में पहुंच चुकी है, जो पटरी के किनारे बसे हुए हैं। आरपीएफ निरीक्षक प्रशांत अल्डक के नेतृत्व में जारी अभियान के तहत टीम ग्रामीणों को समझाइश दे रही है। अफसरों ने बताया कि मवेशियों के ट्रेन से कटने जैसे हादसों से रेलवे को भी बड़ा आर्थिक नुकसान होता है। इसके अलावा मवेशी मालिकों को भी नुकसान से जूझना पड़ता है। उन्होंने इसके लिए बने कानूनों की भी जानकारी दी।
ग्रामीणों को बताया कि मवेशियों के दुर्घटनाग्रस्त होने की स्थिति में मवेशी मालिकों पर भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसे देखते हुए मवेशी मालिक रेलवे ट्रैक के आसपास अपने मवेशियों को लेकर न जाएं। उन्होंने पंचायत के सरपंच, ग्राम प्रमुख और मवेशी मालिकों की बैठक ली। जिसमें उन्हें इस तरह के हादसों को रोकने के लिए जागरुक और गंभीर होने की बात कही। इसके अलावा शहर से वार्डों में भी आरपीएफ की टीम पहुंची। जहां उन्होंने मवेशी मालिकों से चर्चा करते हुए इस तरह के हादसे रोकने के लिए समझाइश दी ।
