शाला में एक दिन अनुपस्थित हो जाने पर अपने शिक्षकों को तत्काल नोटिस जारी कर वेतन काट देने वाला स्कूल शिक्षा विभाग पिछले चार माह से गोपलीनचुवा हाईस्कूल में पदस्थ प्राचार्य अर्जुन देवांगन को बिना ज्वाइनिंग व ड्यूटी के घर बिठाकर वेतन दे रहा है। आश्चर्य है कि प्राचार्य ने न तो इस स्कूल में पदभार ग्रहण किया है न कोई काम किया और न ही कोई अवकाश लिया है इसके बाद भी स्कूल शिक्षा विभाग इस राजपत्रित अधिकारी को निरंतर हर माह लाखों का पगार दे रहा है। अब मामले के सार्वजनिक होने के बाद शिक्षा विभाग के अफसर अपने बचाव के लिए प्राचार्य को पदभार ग्रहण करने के लिए नोटिस जारी कर रहा है।
स्कूल शिक्षा विभाग के अफसर अपने ही विभाग के एक अधिकारी व कर्मचारी की कार्यप्रणाली को लेकर कैसा दोहरा मापदंड अपनाते हैं इसे ब्लाॅक के गोपलीनचुवा हाईस्कूल में पदस्थ प्राचार्य देवांगन के मामले से बड़ी आसानी से समझा जा सकता है। प्राचार्य देवांगन फरवरी 2021 में गोपलीनचुवा हाईस्कूल में पदस्थ किए गए। इससे पूर्व वे अंबागढ़ चौकी बीईओ का कार्यभार देख रहे थे।
महिला शिक्षकों से दुर्व्यवहार व अन्य कई गंभीर शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने उन्हें अंबागढ़ चौकी बीईओ पद से हटा कर उन्हें गोपलीनचुवा हाईस्कूल में भेज दिया था और उनके स्थान पर ब्लाॅक के वरिष्ठ व शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कौडीकसा के प्राचार्य संजय कुमार जौहरी को अंबागढ़ चौकी बीईओ का प्रभार दे दिया था लेकिन आश्चर्य है कि बीईओ पद से हटाए गए अर्जुनराम ने अब तक गोपलीनचुवा हाईस्कूल में पदभार ग्रहण नहीं किया है।
विभाग में दोहरा मापदंड चल रहा: स्कूल शिक्षा विभाग के अफसर बिना पदभार ग्रहण व बिना काम के किस तरह प्राचार्य का वेतन निकाल रहे हैं यह अपने आप में जांच का विषय है। अब मामले के खुलासे के बाद अफसर अपने बचाव के लिए पदभार ग्रहण नहीं करने वाले प्राचार्य को गोपलीनचुवा में ज्वाइंनिग करने नोटिस जारी कर रहे हैं। इधर इस मुद्दे को लेकर स्थानीय शिक्षकों व छग सहायक शिक्षक फेडरेशन ने प्रशासन व विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने विगत दिनों बीईओ को ज्ञापन भी दिया है। प्राचार्य देवंागन के मामले में विभाग के ही अधिकारी पूरी तरह मेहरबबान हैं। स्कूल शिक्षा विभाग में दोहरा मापदंड चल रहा है। अधिकारी गलती करे तो उन्हें पुरस्कार मिलता है और शिक्षक या कोई कर्मचारी से गलती होती है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाती है।
बीईओ कार्यालय का 5 जुलाई को करेंगे घेराव
छग सहायक शिक्षक फेडरेशन की ब्लॉक इकाई निवृत्तमान बीईओ देवांगन के खिलाफ कार्रवाई एवं अंबागढ़ चौकी में पदस्थ लिपिको के डीईओ कार्यालय में अटैचमेंट मामले को लेकर 5 जुलाई को बीईओ कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन करेगी। प्रांताध्यक्ष मनीष मिश्रा, ब्लॉक अध्यक्ष देवकुमार यादव, प्रांतीय प्रवक्ता विकास मानिकपुरी ने बताया कि महिला शिक्षकों से दुर्व्यवहार के मामले में बीईओ दोषी पाए गए थे। जांच कमेटी ने महिला शिक्षकों से दुर्व्यवहार के मामले में शिकायतें सही पाई थी। उसके बाद आज तक इस मामले में उनके खिलाफ विभाग ने कार्रवाई नहीं की है। उल्टा काम नहीं करने के बाद भी वेतन दिया जा रहा है। इसकी जांच होनी चाहिए।
डीईओ के मौखिक आदेश पर निकाला वेतन: बीईओ
प्रभारी बीईओ संजय जौहरी ने बताया कि डीईओ के मौखिक आदेश के बाद देवांगन का फरवरी से मई तक का वेतन निकाला है। बीईओ ने पुष्टि किया की देवांगन ने गोपलीनचुवा हाईस्कूल में ज्वाइंन्ग नहीं दी है। उनका उपस्थिति पत्रक भी पिछले तीन माह से जमा नहीं हुआ है। उन्हें देवांगन द्वारा किसी तरह अवकाश लेने की भी जानकारी नहीं है। डीईओ द्वारा हाल ही में जारी पत्र से उन्हें यह पता लगा की देवांगन ने एक मार्च से 12 अप्रैल तक मेडिकल अवकाश लिया था। शीर्ष कार्यालय एवं वरिष्ठ अफसर से इस संदर्भ में मार्गदर्शन मांगा गया है और अब देवांगन का जून का वेतन रोका जा रहा है। अफसरों से लिखित में निर्देश मिलने के बाद ही उनका वेतन निकाला जाएगा।
डीईओ कार्यालय में कार्यभार ग्रहण किया: देवांगन
अर्जुनराम देवांगन ने कहा कि उन्हें 24 फरवरी से गोपलीनचुवा हाईस्कूल के लिए एकतरफा कार्यमुक्त कर दिया गया था। कार्यालयीन व्यवस्था के तहत उन्हें त्रुटिपूर्ण आदेश में बिना पद का उल्लेख किए गोपलीनचुवा भेजा गया। इस दौरान वे मानसिक अवसादग्रस्त हो गए और एक मार्च से मेडिकल अवकाश में चले गए। 13 अप्रैल को वे स्वस्थ होकर मेडिकल फिटनेश के साथ डीईओ कार्यालय में पदभार ग्रहण किया। त्रुटिपूर्ण आदेश व पद का उल्लेख नहीं होने के कारण उन्होंने गोपलीनचुवा में कार्यभार ग्रहण नहीं किया।
