कोरोना महामारी के चलते बस संचालन बंद होने और लगातार डीजल के दाम में बढ़ोतरी होने से बस संचालकों की कमर टूट गई है। बस संचालकों का कहना है कि राज्य सरकार की ओर से यात्री किराया में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी तो रायपुर के खारून नदी के तट पर प्रदेशभर में बस संचालक जल समाधि लेंगे। इस दौरान अगर कुछ अनहोनी होगी तो इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। बस संचालकों ने सोमवार को क्रमबद्ध आंदोलन की शुरुआत कर दी। पहले दिन संचालकों ने बस स्टैंड परिसर में धरना दिया।
छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रईस अहमद शकील ने बताया कि डीजल के दामों में लगातार हो रही बेतहाशा वृद्धि के कारण बस मालिकों को बस संचालन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कोरोनाकाल के बाद डीजल के दामों में वृद्धि के कारण कई बस मालिक अभी भी बसों का संचालन नहीं कर पा रहे हैं। बस मालिक के परिवार सहित चालक, परिचालक, हेल्पर, क्लीनर के परिवारों को आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है।
स्थायी नीति बनाई जाए
शकील ने बताया कि डीजल के मूल्य में बेतहाशा वृद्धि हो जाने के कारण यात्री किराया बढ़ाने एवं किराए वृद्धि के संबंध में स्थायी नीति बनाए जाने, बसों एवं परमिटों के निष्प्रयोग के लिए 2 माह की सीमा समाप्त किए जाने, बस मालिकों सहित चालक,परिचालक, हेल्पर, क्लीनर के परिवारों को प्रशासन द्वारा आर्थिक मदद पहुंचाने की मांग की गई।
लगातार करेंगे प्रदर्शन
धरने पर बैठे बस संचालकों ने बताया कि क्रमबद्ध आंदोलन किया जाएगा। 2 जुलाई को सभी जिला मुख्यालय के जिलाधीशों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। 8 जुलाई को पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालय में सभी बस संचालक अपने परिवार, चालक, परिचालक, हेल्पर, क्लीनर के साथ बसों की बारात निकालकर सभी जिलाधीशों को ज्ञापन सौंपेंगे।
परिवार के साथ देंगे धरना
12 जुलाई को बूढ़ातालाब रायपुर में सभी बस संचालक, चालक, परिचालक, हेल्पर व क्लीनर अपने परिवार के एक-एक दिवसीय महाधरना देंगे। 13 जुलाई को पूरे प्रदेश की बसें अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। मांगे पूरी नहीं होती है तो 14 जुलाई को दोपहर 3 बजे रायपुर के खारून नदी के तट पर सभी बस संचालक जल समाधि लेंगे।
अन्यथा बस का संचालन बंद कर देंगे: अहमद
अहमद ने बताया कि यदि मांगों का जल्द ही निराकरण नहीं किया गया तो आगे राजनांदगांव सहित पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीकों से आंदोलन किया जाएगा। धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रमुख रूप से आशीष पाण्डे, भावेश अग्रवाल, हनीफ सोलंकी, कादिर सोलंकी, गुलाम अहमद, विनीत लुनिया, मंगतू यादव, बिन्नी बल, अशोक कुमार जैन, ललित लोधी, बालेन्द्र मल्ल, मनीष यादव, सुरेश तिवारी, नब्बू सोलंकी, देवराज देवांगन, मुस्तफा सोलंकी, गुलाम सोलंकी सहित बड़ी संख्या में बस मालिक उपस्थित थे। बताया कि मांग पूरी नहीं होगी तो बस का संचालन पूरी तरह से बंद कर देंगे। बताया कि अभी सीमित संख्या में बसें चलाई जा रही है। इसमें भी बस संचालकों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। बस चालक, हेल्पर को वेतन तक नहीं दे पा रहे हैं।
