दुर्ग। कोरोना की तीसरी लहर आने की दशा में प्रशासन द्वारा की जा रही रोकथाम की तैयारियों को लेकर बुधवार को कलेक्टर ने टास्क फोर्स की बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों से पूछा कि कोरोना की तीसरी लहर से निपटने अब तक क्या-क्या तैयारी की गई है। अधिकारियों ने अब तक की गई तैयारियों के संबंध में जानकारी दी।
यह भी बताया कि एक महीने से 18 साल तक के बच्चों का इलाज सीसीएम (चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कालेज) एवं एक महीने से कम आयु के बधो जिला अस्पताल के एसएनसीयू में रखे जाएंगे। बैठक में कलेक्टर डा. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे को अधिकारियों ने जानकारी दी कि कोरोना संक्रमण को रोकने सीसीएम में बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है ताकि एक ही जगह प्रभावी रूप से अधिकांश मरीज के इलाज की उचित व्यवस्था और मानिटरिंग हो सके।
अधिकारियों ने बताया कि यहां 400 बेड का आक्सीजन सिलिंडर युक्त सेटअप तैयार है। यदि बच्चे भी गंभीर रूप से संक्रमण का शिकार होते हैं तो इसके लिए भी 100 बेड की व्यवस्था की गई है। इसमें 25 बेड आइसीयू के, 25 बेड एचडीयू के और 50 बेड सामान्य आक्सीजन युक्त बेड हैं।
अधिकारियों ने बताया कि आक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था और केयर की विशेष व्यवस्था के लिए ब्लाक मुख्यालयों, पीएचसी और सीएचसी को भी मजबूत किया जा रहा है। ब्लाक मुख्यालयों में 20 बेड अस्पताल के लिए काम हो रहा है। पीएचसी लेवल पर भी पांच सिलिंडर रखे जाएंगे। बच्चों के संक्रमण का शिकार होने पर शिशुरोग विशेषज्ञों की पूरी टीम को इनके मुताबिक वेंटीलेंटर, एचएफएनसी मशीनों के साथ सीसीएम में रखा जाएगा। यहां एक महीने से 18 साल तक के बच्चों का इलाज हो सकेगा।
