बस्तर में मानसून आते ही अब नक्सलियों के खिलाफ पुलिस ने भी अभियान तेज कर दिया है। नक्सलियों के खिलाफ जून माह से ऑपरेशन मानसून की शुरुआत कर दी गई है। इस साल इस अभियान के पहले महीने में ही जगदलपुर, सुकमा , नारायणपुर, कांकेर व कोंडागांव के जंगलों में फोर्स ने नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाकर 5 बड़ी सफलताएं भी हासिल की है। बस्तर IG सुंदरराज पी ने ऑपरेशन मानसून को तेज करने के लिए सभी जिलों के SP को निर्देश भी दिए हैं।

बारिश के बाद बैलाडीला की पहाड़ियों में ओस जम जाती है। जिससे ऑपरेशन को सफल बनाने में जवानों को आसानी होती है।
क्या है पुलिस का मानसून अभियान
ठंड और गर्मी के मौसम में नक्सली लगातार अपना ठिकाना बदलते रहते हैं। लेकिन बारिश के मौसम में ज्यादातर नक्सली एक ही जगह कैंप लगा कर अपना डेरा जमाए हुए रहते हैं। ऐसे में पुलिस को भी नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन को सफल बनाने में आसानी होती है। लेकिन, नक्सलियों के ठिकाने तक पहुंचने के लिए जवानों को भी काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। उफनती नदी-नालों , फिसलन भरी चट्टानों को पार कर फोर्स बस्तर के बीहड़ो में घुसती है और ऑपरेशन को सफल बनाती है। पिछले कुछ सालों में मानसून में ही पुलिस को ज्यादा कामयाबी मिली है।
जून माह में ही 5 नक्सली हुए ढेर
साल 2021 के जून माह में ऑपरेशन मानसून की शुरुआत कर जवानों ने नक्सलियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांकेर व कोंडागांव जिले के सरहदी क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में जवानों ने 5-5 लाख रुपए के दो इनामी नक्सलियों को ढेर किया था। वहीं जगदलपुर-सुकमा बॉर्डर के चांदामेटा की मुठभेड़ में एक महिला नक्सली ढेर हुई थी। इसके अलावा नारायणपुर जिले के ओरछा के जंगलों में भी सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में नक्सलियों के माड़ डिवीजन के 2 पुरूष माओवादियों को मार गिराया था।

हाल ही में नारायणपुर के ओरछा में DRG जवानों ने 2 पुरुष माओवादियों को ढेर कर दिया था।
भारी संख्या में हथियार भी हुए बरामद
बस्तर IG सुंदरराज पी के अनुसार जून माह में ही बस्तर के अलग-अलग इलाकों में सुरक्षबलों की नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ के बाद घटना स्थल से जवानों ने अब तक एक AK-47 रायफल, एक SLR रायफल, दो 303 रायफल, दो 325 रायफल,व दो पिस्तौल सहित नक्सली साहित्य, दैनिक उपयोग के सामान भी बरामद किए हैं।
जवानों को दिया जाता है यह मानसून किट
मानसून के समय नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन पर जाने से पहले जवानों को मानसून किट उपलब्ध करवाया जाता है। जिनमें मुख्य रूप से रैनकोट, वाटरप्रूफ पिठ्ठू , टॉर्च, वाटरप्रूफ जूता सहित अन्य सामान दिए जाते हैं। दंतेवाड़ा के SP डॉ अभिषेक पल्लव ने बताया कि जवानों ने मानसून के समय साल 2018 में तिमेनार मुठभेड़ में 8 नक्सलियों को मार गिराया था। वहीं 2019 में भी 7 नक्सलियों को ढेर किया गया था। बस्तर के अलग-अलग जिलों में भी मानसून के समय पुलिस को कई बड़ी सफलताएं मिली हैं।

जगदलपुर-सुकमा बॉर्डर पर चांदामेटा में भी जवानों ने एनकाउंटर में एक महिला नक्सली को मार गिराया था। यहां से AK-47 रायफल भी बरामद की गई थी।
इस मानसून अंदरुनी इलाकों में बढ़ेगी पुलिस की पहुंच
इस साल बस्तर के कई अंदरूनी इलाके में छोटे-बड़े नदी नालों में बहुत से पुल-पुलिया का निर्माण हुआ है। अब इसका फायदा भी जवानों को मिलेगा। अंदरूनी इलाकों तक जवानों की पहुंच बढ़ेगी। ऑपरेशन मानसून को सफल बनाने जवानों को उफनती नदियों को पार करना पड़ता था। जो काफी मुश्किल भरा होता था। लेकिन अब इसका फायदा जवानों को मिलेगा
मानसून में 60 से ज्यादा नक्सली हुए हैं ढेर
बस्तर IG सुंदरराज पी ने बताया कि बस्तर में मानसून के समय नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन रुक जाते थे। लेकिन पिछले 2-3 सालों से ऑपरेशन मानसून की शुरुआत की गई है और फायदा भी मिला है। जगदलपुर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर ,कोंडागांव व कांकेर में जवानों ने ऑपरेशन मानसून में ही 60 से ज्यादा नक्सलियों को ढेर किया है। कई बड़े कैडर के नक्सली भी मारे गए हैं।
