कोरोना संक्रमण को लेकर वैक्सीनेशन और अन्य मामलों में छत्तीसगढ़ सरकार की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। ग्लोबल टेंडर मामले में सुनवाई करते हुए गुरुवार को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को फिर जवाब मांगा है। पूछा गया है कि कितने लोगों का टीकाकरण हुआ और कितने बच गए हैं। सरकार इसके आंकड़े प्रस्तुत करे। मामले की सुनवाई एक्टिंग चीफ जस्टिस प्रशांत मिश्रा की डिवीजन बेंच ने हुई। अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी।
वैक्सीनेशन के ग्लोबल टेंडर को लेकर दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को हुई सुनवाई हुई। इस दौरान अधिवक्ता सिद्धार्थ आर गुप्ता ने वैक्सीनेशन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार की ओर से अभी तक यह जानकारी नहीं प्रदान की गई है कि कितने लोगों को तीसरी लहर से सुरक्षित करने के लिए वैक्सीन लगा चुके हैं। इस पर कोर्ट ने अगली सुनवाई से पहले राज्य को अतिरिक्त जवाब पेश करने का आदेश दिया है।
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पहले भी तीसरी लहर से बचने के लिए 10 दिन में मांगा था जवाब
इससे पहले 14 जून को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर तीसरी लहर से बचने की तैयारियों पर 10 दिन में जवाब मांगा था। अधिवक्ता हिमांशु सिन्हा और सिद्धार्थ गुप्ता ने कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर और 18 साल से कम उम्र के लोगों को लेकर सवाल उठाए। कहा कि उनको लेकर कोई तैयारी राज्य सरकार की ओर से नहीं की जा रही है। इस पर कोर्ट ने भी चिंता जताई। साथ ही राज्य से तैयारियों का पूर्ण ब्योरा मांगा था।
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अन्य पड़ोसी राज्यों की तरह ग्लोबल टेंडर जारी करने की है मांग
दरअसल, हाईकोर्ट के वकील शैलेंद्र दुबे की ओर 25 मई को याचिका दायर की गई है। इसमें कहा गया है कि मौजूदा स्थिति में वैक्सीन की पूर्ति करने के लिए देश में केवल दो कंपनियां काम कर रही हैं। इसकी वजह से कई राज्यों को वैक्सीन की कमी की वजह से टीकाकरण अभियान रोकना पड़ा है। उत्तर प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक जैसे राज्यों ने वैक्सीन की कमी को देखते हुए ग्लोबल टेंडर जारी किया है। इसी तर्ज पर राज्य सरकार को भी टेंडर जारी करना चाहिए।
