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संदिग्ध फेरी वालों और घुसपैठियों पर प्रतिबंधनात्मक कार्यवाही करने की माँग.

O हिन्दू युवा मँच ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को एक बार फिर चेताया.

राजनांदगाँव/हिन्दू युवा मँच जिला इकाई ने आज जिलाधीश तारण प्रकाश सिन्हा और जिला पुलिस अधीक्षक डी श्रवण से भेंट कर राजनांदगाँव जिले में फेरी वालों की शक्ल में अनाधिकृत रूप से जिले में बलात प्रवेश कर आये घुसपैठियों की शिनाख्त कर उन्हें जिले और प्रदेश से बाहर खदेड़ने प्रदेश के गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू और प्रदेश के पुलिस महानिदेशक डी एम अवस्थी के नाम ज्ञापन सौंपा।

उक्ताशय की जानकारी देते हुए हिन्दू युवा मँच के जिलाध्यक्ष किशोर माहेश्वरी, शहर अध्यक्ष सुरेश लोहमार और शहर संयोजक राजा ताम्रकार ने संयुक्त रूप से बयान जारी करते हुए बताया कि, विगत कुछ समय से राजनांदगाँव शहर में कुछ बाहरी घुसपैठिये शहर में यत्र तत्र भटकते हुए देखे जा सकते हैं। ये घुसपैठिये कौन है और कहाँ से आये हैं। इनकी पहचान नही हो पा रही है। इससे पूर्व भी हिन्दू युवा मँच ने इन बाहरी घुसपैठियों की पहचान सुनिश्चित करने और उन्हें निकाल बाहर करने कई बार माँग की थी। बावजूद प्रशासन कुम्भकरणीं नींद सोता रहा। हाल ही में कुछ संदिग्ध लोग पुलिस के हाथ लगे हैं जिनकी संलिप्तता चोरी, उठाईगिरी जैसे अपराधों में पाई गई है। ये सिर्फ चोर नही है। अपितु बांग्लादेश घुसपैठिए हैं जो अपनी गलत मंशा से हमारे शहर में घुस आए हैं। जिनकी शिनाख्त करने और निकाल बाहर करने के लिए हिन्दू युवा मँच ने आज प्रदेश के गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू और पुलिस महानिदेशक श्री डी एम अवस्थी के नाम एक बार फिर से ज्ञापन सौंपा है। आश्चर्य की बात यह है कि, ये सभी मुसलमान हैं। संभवतः रोहंगिया मुसलमान भी हो सकते हैं अथवा बंगलादेशी घुसपैठिए मुसलमान भी हो सकते हैं। इन्होंने अपनी वास्तविक पहचान छुपाकर कर हिन्दुओ के नाम से आधार कार्ड और पेन कार्ड भी बनवा लिया है ताकि ये अपनी सही पहचान छुपा सके और कानून को गुमराह कर उसकी आँखों में धूल झोंक सके। ऐसे एक नही कई घुसपैठिए मिल जाएंगे जिन्होंने अपनी वास्तविक पहचान छुपा रखी है।

राजनांदगाँव शहर और जिले में पिछले कई वर्षों से कई संदिग्ध लोगों को शहर में ठेले और रिक्शे के माध्यम से घूम-घूम कर फेरी लगाकर और स्थाई रूप से भी फल, कपड़े, गर्म कपड़े, चादर, कम्बल, बर्तन, गद्दे, रजाई, कार्पेट, ट्रॉली बैग, सफर बैग, साड़ी, चाँवल, रेडीमेड और कटपीस जैसे दैनिक जीवन में उपयोग आने वाली वस्तुओं का विक्रय करते देखा जा रहा है। उपरोक्त सामान लूट या चोरी के भी हो सकते हैं, वहीं नकली और निम्न गुणवत्ता के भी होते हैं। व्यापारियों के रूप में अचानक से शहर और जिले में अनाधिकृत रूप से प्रवेश कर आये ये लोग कौन है न तो कोई जानता है और न ही इन्हें कोई पहचानता है। इनकी भाषा और बात करने का तरीका भी यहाँ के लोगो से मेल नही खाता। यही नही इनकी भाषा भी खड़ी है और आसानी से समझ नही आती। उक्त व्यपारियों के वेश में रोहंगिया और बांग्लादेशी घुसपैठियों के होने की हमे आशंका हमने प्रशासन के सामने कई बार जताई थी। बावजूद प्रशासन कुम्भकरणीं नींद में सोता रहा। हमारे दावे की हकीकत आज सबके सामने है। व्यापारियों के भेष में अनाधिकृत रूप से शहर और जिले में बेख़ौफ़ होकर संदिग्ध घूमने वाले ये लोग कभी भी किसी भी समय जिले में किसी बड़ी अपराधिक घटना को अंजाम दे सकते हैं। यह दावा भी हमारे द्वारा लगातार किया जाता रहा। आज राजनांदगाँव जिले सहित प्रदेश के अन्य जिलों में चोरी की घटनाओं के मामले में इनकी संलिप्तता का खुलासा स्वयँ पुलिस विभाग ने कर दिया है। अब पुलिस प्रशासन की आँखों पर लगी पट्टी हट चुकी है, और अगर अभी भी पुलिस आँखे मुंदने का उपक्रम करेगा तो इस शहर और जिले को घुसपैठियों से कोई नही बचा सकता। शहर और जिले में बीते कुछ वर्षों से चेन स्नेचिंग, चोरी, उठाईगिरी, अपहरण, लूट और हत्या जैसी अपराधिक घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है। संभावना है कि इनमें से कुछ अथवा कई घटनाओं में इनका हाथ भी हो। लेकिन इन घटनाओं के पीछे इनका हाथ है अथवा नही इसकी पुष्टि तभी हो पाएगी। जब इनका पुलिस वेरिफिकेशन हो। नगर पालिका निगम, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को ज्ञापन और स्मरण पत्र (अनुस्मारक – पत्र) के माध्यम से ध्यानाकर्षण कराकर स्थिति से अवगत कराने के बाद भी आज पर्यन्त कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है। जिसके चलते इन संदिग्ध घुमंतू घुसपैठियों को मौन सहमति मिल गई और इनके हौसले सातवें आसमान पर है। बेधड़क ये शहर में घूमते देखे जा सकते हैं। व्यापार करने के बहाने घरों में ताकाझांकी करते हुए नज़र आते हैं। यही नही लोगों यानि कि ग्राहकों से सीधे मुँह बात भी नही करते, झगड़ने के लिए उतावले रहते हैं। जिससे कहीं से भी यह नही लगता कि ये व्यापारी हैं। क्योंकि एक व्यापारी मृदुभाषी और मर्यादित होता है, उसे अपनी साख स्थापित करनी होती है जिसके कारण वो लोगो अथवा ग्राहकों से कभी भी बदसलूकी करने का सोचते भी नही। लेकिन इनका अड़ियल रवैय्या और झगड़ालू प्रवित्ति किसी और बात की तरफ़ ईशारा करती है।

इनके बंगलादेशी घुसपैठिये होने या रोहंगिया होने पर पहले भी हिन्दू युवा मँच ने आशंका जताई थी। बीते दिनों चोरी की घटना के मालमे में पकड़ में आये बंगलादेशी घुसपैठियों के होने की पुष्टि आखिरकार हो गई। अगर प्रशासन हमारे ध्यानाकर्षण के समय ही जाग जाता तो इस प्रकार की घटना नही होती। विगत मार्च महीने से फेरी वालों और घुमंतू अज्ञात लोगों के बाहरी और बंगलादेशी घुसपैठिए होने का जो हम दावा कर रहे थे। हमारा दावा सही साबित हुआ। अगर हिन्दू युवा मँच की तरह एक जिम्मेदार नागरिक होने की नैतिक जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन और निगम प्रशासन ने उतनी ही सजगता से दिखाई होती तो ये बाहरी घुसपैठिये शहर में इस तरह की घटना को अंजाम न दे पाते। राजनांदगाँव ही नही अपितु छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी इनका गिरोह सक्रिय है और चोरी, उठाईगिरी, चैन स्नेचिंग जैसी घटनाओं को लगातार अंजाम दे रहा है। पुलिस प्रशासन इस पूरे गिरोह के सदस्यों के पकड़ लिए जाने का खोखला दावा न करें। हम दावे के साथ कह रहे हैं कि, आज भी इनका पूरा गिरोह पुलिस के शिकंजे में पूरी तरह से नही आया है, और जब तक पूरा गिरोह कानून के शिकंजे में नही होगा। ऐसे वारदातें लगातार होती रहेंगी। बंगलादेशी घुसपैठियों के पकड़े जाने के बाद अब तो पुलिस महकमे, जिला प्रशासन और निगम प्रशासन को नींद से जागकर हरकत में आना चाहिए और जितने भी फेरी वाले बर्तन, कपड़े, फल-सब्जी, होम एप्लाइंसेस, रेडीमेड कपड़े, शॉल, स्वेटर, जैकेट, कम्बल, जूते-चप्पल, कुर्सी-टेबल या अन्य कोई भी घरेलू सामान या खाद्य सामग्री बेचते हुए दिखाई दे। सर्वप्रथम पुलिस प्रशासन अपनी ड्यूटी निभाते हुए उनसे उनकी व्यक्तिगत पहचान पूछे और उनका सत्यापन करे। उनके शहर में आने और वापस जाने की तिथि, उनका आधार कार्ड, पेन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस जमा कराए। यही नही जिस भी थाना क्षेत्र से ये आए हैं संबंधित थाना क्षेत्र से भी इनकी शिनाख्त करें, इनकी पहचान सही पाए जाने पर ही इन्हें शहर में रहने या व्यापार की अनुमति दी जाए। अन्यथा उन्हें निकाल बाहर किया जाए। अगर पुलिस अपनी ड्यूटी से मुँह मोड़ती रहेगी, और अपने कर्तव्य पालन से बचती रहेगी तो एक क्या ऐसी कई घटनाएं शहर, जिले और प्रदेश में होती रहेगी। पुलिस प्रशासन यदि इसी प्रकार अपनी जिम्मेदारियों से बचती रहेगी। तो घुसपैठ करने वालो की और घुसपैठियों की बाढ़ आ जायेगी। किसी भी संक्रमण या रोग पर तब तक ही नियंत्रण पाया जा सकता है जब तक कि उसका प्रारंभिक चरण हो। जब रोग पूरे शरीर पर घर कर लेगा, पूरे शरीर मे फैल जाएगा तब उस पर नियंत्रण करना असंभव हो जाता है। कुछ इसी प्रकार की स्थिति आज हमारे सामने हैं। अगर वक़्त रहते इन बाहरी घुसपैठियों की शिनाख्त न की गई और इन्हें निकाल बाहर न किया गया तो। स्थिति विघटनकारी और विनाशकारी होगी। बाहर से शहर में अनाधिकृत रूप से प्रवेश कर आये घुसपैठियों पर प्रतिबंध लगाने की माँग को लेकर दिनाँक 18 मार्च को ज्ञापन सौंपा गया था। कार्यवाही न होने की स्थिति में 26 मार्च को पुनः अनुस्मारक पत्र सौंप कर मामले पर स्मरण कराया गया। फेरी वालों की आड़ ये बंगलादेशी घुसपैठिये और रोहंगिया भी हो सकते हैं। इस विषय पर ध्यानाकर्षण कराने और उस पर आवश्यक कार्यवाही करने हिन्दू युवा मँच लगातार माँग करता रहा। लेकिन प्रशासन के कानों के जूँ तक नही रेंगी। आज हकीकत सबके सामने है।

हिन्दू युवा मँच संविधान का और उनके मूल अधिकारों का सम्मान करता हैं, किन्तु एक जिम्मेदार नागरिक और एक जिम्मेदार संगठन होने के नाते हिन्दू युवा मँच की यह नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि, हम जिलेवासीयों की सुरक्षा का भी ख्याल रखें। इसके मद्देनजर उक्त बाहरी फल व्यापारियों को फल विक्रय करने की अनुमति उसी स्थिति में प्रदान की जाए, जब उक्त सभी व्यापारी पुलिस जाँच सत्यापन प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड और नोटरी युक्त एक घोषणा-पत्र पुलिस अधीक्षक कार्यालय, शहर में व्यवसाय करने नगर पालिका निगम में और राजनांदगाँव जिले में व्यवसाय करने जिला पंचायत में अपनी पहचान सुनिश्चित कराने जमा कराएँ। उक्त चारो ही वाँछित मापदंडों को पूरा करने के उपरांत ही उन्हें फल क्रय-विक्रय करने की अनुमति हो, अन्यथा उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाए। इसके साथ ही शहर के लिए नगर पालिका निगम और शहर के बाहर जिला पंचायत द्वारा इन्हें एक अनुमति प्रमाण-पत्र या परिचय-पत्र भी जारी किया जाए, इससे इनकी पहचान सुनिश्चित हो पाए। यही नही उपरोक्त प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद भी यदि कोई बाहरी राज्य का फल व्यवसायी शहर अथवा जिले में प्रवेश करता है तो सर्वप्रथम पुलिस अधीक्षक कार्यालय और नगर पालिका निगम कार्यालय में अपने आने की सूचना दे और अनुमति प्रमाण-पत्र लेंने के बाद ही शहर में कोई व्यापार करे। यह प्रक्रिया ऐसे प्रत्येक व्यक्ति पर लागू हो जो प्रदेश के न हो और बाहरी राज्य से संबंध रखते हों, भले ही ये किसी भी खाद्य पदार्थों अथवा किसी भी प्रकार की वस्तुओं को विक्रय करने का व्यवसाय करने के लिए शहर और जिले में आये हो।

छत्तीसगढ़िया लोगो की सरलता और भोलापन देखकर अब बाहरी राज्य के कई अपराधी छुपने के लिए भी छत्तीसगढ़ की पनाह लेने लगे हैं, हो सकता है इनमें से भी कोई अपराधी हो और किसी आपराधिक घटना को अंजाम देकर आया हो। यह अपराधी है या केवल एक फल व्यापारी इसकी पुष्टि तो पुलिस सत्यापन से ही सम्भव हो पाएगी। हमारे शहर, जिले और पूरे प्रदेश में बीते कुछ वर्षों में अपराधिक घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है। जिले सहित पूरे प्रदेश में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते कुछ वर्षों में ऐसी कई आपराधिक घटनाएं देखने और सुनने को मिली है, जिसमें अपराधियों के बाहरी राज्य का होने की पुष्टि हुई है। छत्तीसगढ़ राज्य शनैः शनैः अपराधियों के लिए पनाहगाह, छुपने की सर्वोत्तम जगह और अपराध का गढ़ बनता जा रहा है। इस पर लगाम तभी लग पाएगी जब अपराधियों और एक आम व्यापारी की पहचान की पुष्टि हो पाएगी।

बाहरी राज्य के लोगों के छत्तीसगढ़ राज्य में अपराध फैलाने और अपराध में शामिल रहने के पुख्ता प्रमाण हमारे सामने कई दुर्घटनाओं के रूप में पहले भी सामने आ चुके हैं। आनंदा रसोई और उड़ता पंजाब जो कि हाल ही की घटनाएँ हैं जो बाहरी व्यक्तियों के अपराध में संलिप्तता दर्शाती हैं। यही नही बिहार का कुख्यात अपराधी उपेन्द्र सिंह जिसने भिलाई चरोदा के पास ट्रेन को हाईजैक कर लिया था और परिचालक को अपने ईशारों पर ट्रेन चलाने मजबूर कर दिया था। मनीष सिंग जो कि रहने वाला तो लखनऊ का था किन्तु पीएमटी पेपर लीक उसने छत्तीसगढ़ में रहकर किया, इतना ही नही उसने दो-दो पीएमटी लीक करने की घटना को अँजाम दिया। पीएमटी परीक्षा में मुन्ना भाई की तर्ज पर परीक्षार्थियों के स्थान पर परीक्षा देने वाले भी उत्तर प्रदेश और बिहार से ताल्लुक रखने वालों में से थे। कर्नाटक राज्य में चंदन तस्कर करने वाले एक माफिया ने छत्तीसगढ़ प्रदेश में आकर और काफी दिनों तक रेकी करने के बाद रायपुर के एक व्यापारी पर सरेराह गोली चला दी थी। बीते कुछ महीने पहले मुम्बई के एक हाई प्रोफाईल ड्रग्स मामले के तार भी छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, भिलाई से जुड़े थे, राजनांदगाँव से भी इसके तार जुड़े होने की खबर आई थी। ऐसी एक नही हमारे सामने कई घटनाएँ हैं जो यह दर्शाती है कि, बाहरी राज्य के लोग दूसरे राज्य में आतंक का पर्याय बनते हैं और अपराध फैलाते हैं।

एक जिम्मेदार पद पर बैठें होने और राजनांदगाँव के एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते जिलाधीश, पुलिस अधीक्षक, महापौर, और आयुक्त इन सभी की नैतिक जिम्मेदारी बनती थी कि, जिले को एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करें। लेकिन इस पर वे नाकाम रहे। इस पूरे मामले की गंभीरता से सुध लेंने के बजाय और हिन्दू युवा मँच द्वारा सुझाए गए बिंदुओं पर वाँछित कार्यवाही करने के बजाय प्रशासन कानों में रुई डाले बैठा रहा और उदासीन बना रहा। आज इसकी परिणीति पूरा शहर, जिला और प्रदेश भुगत रहा है। हिन्दू युवा मँच के द्वारा सुझाये गए बिंदुओं पर अमल करते हुए यदि प्रशासन कार्यवाही नहीं करता तो हिन्दू युवा मँच इसके लिए उग्र आंदोलन करेगा।जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। हिन्दू युवा मँच का आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक पूरा राजनांदगाँव जिला घुसपैठियों से मुक्त नही हो जाता। ज्ञापन सौंपने जिलाध्यक्ष किशोर माहेश्वरी, शहर अध्यक्ष सुरेश लोहमार, शहर संयोजक राजा ताम्रकार, शहर सह संयोजक दिव्यांग मिश्रा, शशिकांत धीवर, रवि साहू और अभिषेक शर्मा उपस्थित थे।

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