शहर से पुराना गंज चौक में काबिज 13 परिवारों का मकान भरी बारिश में तोड़ दिया गया है। उक्त कार्रवाई निगम प्रशासन की ओर से की गई है। जिस हिस्से में तोड़फोड़ की गई है, उसके ठीक पीछे मिरानी बिल्डर्स की काॅलोनी बन रही है, आरोप है कि उक्त बिल्डर्स को ही राहत देने के लिए अफसरों व निगम प्रशासन ने सांठगांठ कर ऐसी कार्रवाई की है।
इधर जिन 8 परिवारों का मकान तोड़ा गया है, उनमें से ज्यादातर सालों से निगम में संपत्तिकर जमा कर रहे थे, इसके अलावा उन्हें पट्टा भी दिया जा चुका था। इसके बाद भी उन्हें अतिक्रमण बताकर उनके मकानों पर बुलडोजर चला दिया गया। कार्रवाई के खिलाफ भाजपा पार्षद दल ने निगम आयुक्त को ज्ञापन भी दिया है, जिसमें उचित कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी दी है। लेकिन इस शिकायत के बाद भी अफसरों और जनप्रतिनिधियों पर कोई असर नहीं हैं। इधर पीड़ित परिवार अब न्याय की गुहार लगाकर अफसरों से लेकर नेताओं के चक्कर काट रहे हैं। इधर कांग्रेस के पूर्व पार्षद ने हेमंत ओस्तवाल ने भी कलेक्टर से कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा व कांग्रेस दोनों कार्रवाई के विरोध में, आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
इस कार्रवाई के खिलाफ भाजपा पार्षद शिव वर्मा सहित पूरी टीम ने निगम आयुक्त को ज्ञापन दिया है। उन्होंने मकान तोड़े जाने को अनुचित बताते हुए इसके जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने की स्थिति ने भाजपा पार्षद दल ने आंदोलन की भी चेतावनी दी है। इधर कांग्रेस के पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने भी मामले को लेकर कलेक्टर से शिकायत की है, जिसमें उन्होंने संपत्तिकर के टैक्स और पट्टा की छायाप्रति भी प्रस्तुत की है।
टैक्स भी जमा कर रहे थे
पीड़ित परिवारों ने बताया कि वे उक्त मकान का संपत्तिकर लंबे समय से निगम में जमा करते आ रहे हैं। जिनकी बाकायदा रसीद भी उनके पास मौजूद हैं। इसके अलावा उन्हें राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत पट्टा भी दिया गया था, इसके बाद भी निगम प्रशासन ने उन्हें अतिक्रमण बताकर ऐसी कार्रवाई कर दी। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि सिर्फ एक बिल्डर को रास्ता देने के लिए उनके मकानों पर बुलडोजर चलाया।
गंज चौक से तोड़े गए मकानों के परिवारों का लखोली में विस्थापन
गंज चौक से तोड़े गए मकानों के परिवारों को लखोली में बने पीएम आवास में विस्थापन दिया गया है। निगम ने दावा किया है कि अतिक्रमण से हटाकर उन्हें पक्का मकान दिया गया है। लेकिन जिन मकानों में इन परिवारों को शिफ्ट किया गया है, वहां बिजली और पानी तक की सुविधा नहीं हैं। ये परिवार अपने घरों से बेदखल होने के बाद अब इन नई समस्याओं से जूझ रहे हैं। एक बिल्डर को फायदा पहुंचाने अब तक इस हिस्से से 13 परिवारों को बेदखल कर चुकी है।
अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
शहर कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने एक पत्र के माध्यम से सीएम से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। वहीं कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा एवं निगम आयुक्त डॉ.आशुतोष चतुर्वेदी से भी मांग की है कि गंज चौक नंदई रोड स्थित एफसीआई गोदाम के उक्त बिल्डर्स को उक्त कालोनी के बाह्य सड़क निर्माण के लिए निगम के भवन नजूल के अधिकारियों के द्वारा इस कार्य के लिए काफी लम्बा लेनदेन हुआ होगा।
