राजनांदगांव- खैरागढ़ के बीच ठेलकाडीह में नए थाने की शुरुआत की गई है। इसमें आसपास के 57 गांवों को शामिल किया गया है। अब तक ठेलकाडीह के लोगों को छोटी बड़ी शिकायत के लिए 25 किमी. की दूरी तय कर खैरागढ़ तक जाना पड़ता था, लेकिन नए थाने के खुलने से अब ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी।
बुधवार को ठेलकाडीह थाने की औपचारिक शुरुआत की गई। इस दौरान डोंगरगढ़ विधायक भुनेश्वर बघेल मुख्य रुप से मौजूद रहे। इसके अलावा आईजी विवेकानंद सिन्हा, कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा, एसपी डी श्रवण भी बतौर अतिथि मौजूद रहे। ठेलकाडीह में थाने की मांग करीब चार साल पहले से उठी थी, तब से नए थाने को लेकर प्रक्रिया जारी थी, जिस पर अब जाकर मुहर लगी और थाने की शुरुआत हो सकी है। कार्यक्रम में आईजी सिन्हा ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी शिकायतों का निराकरण समय पर होगा, इसके अलावा इलाके में छोटे बड़े अपराध भी नियंत्रित होंगे।
पुलिस व क्षेत्र के ग्रामीण दोनों को मिली बड़ी राहत
ठेलकाडीह अब तक खैरागढ़ थाने का हिस्सा था, जिसकी दूरी करीब 25 किमी. है। किसी भी घटना से लेकर सामान्य पेट्रोलिंग के लिए भी खैरागढ़ पुलिस स्टाफ को 25 किमी. की दूरी तय करना पड़ता था। वहीं किसी घटना या दुर्घटना की स्थिति में पुलिस की टीम समय पर पहुंच भी नहीं पाती थी । ऐसी समस्या के चलते पुलिस और ग्रामीण दोनों परेशान थे, ठेलकाडीह में थाने की शुरुआत के साथ अब दोनों को ही राहत मिल सकेगी।
इलाके में पुलिस की दखल बढ़ने से अपराध होंगे कम
राजनांदगांव से खैरागढ़ के बीच की दूरी 40 किमी. है। इस बीच का सबसे बड़ा पाइंट ठेलकाडीह है। लेकिन राजनांदगांव के बाद सीधे खैरागढ़ में थाने की वजह से यह पूरा हिस्सा पूरी की दखल से बाहर था। रूटीन में न तो इस हिस्से में पुलिस की गश्त हो पाती थी और न ही अपराधियों में किसी तरह का खौफ था। लेकिन नए थाने की शुरुआत के बाद अब आसपास के गांवों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ेगी, जिससे अपराध भी नियंत्रित होंगे।
3 थाना क्षेत्र के 57 गांवों को किया गया शामिल
ठेलकाडीह थाने में 57 गांव को शामिल किया गया है। इनमें से ज्यादातर गांव अब तक खैरागढ़ थाना क्षेत्र में थे, वहीं शेष गांव घुमका थाना और मोहारा चौकी क्षेत्र से जुड़े हुए थे। इन्हें नए सिरे से विभाजित कर ठेलकाडीह में शामिल किया गया। ठेलकाडीह का नया प्रभारी एसआई सतीश पुरिया को बनाया गया है, वहीं थाने में दो एएसआई, प्रधान आरक्षक सहित महिला आरक्षकों को भी तैनात किया गया है।
