राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन का एक प्रतिनिधि मंडल मंगलवार को स्कूल शिक्षा सचिव कमलप्रीत सिंह से मिलकर यह जानकारी दिया गया कि शिक्षा विभाग में पैसे लेकर दी गई अनुकंपा नियुक्तियां जिसकी शिकायत दिनांक 10 जून को किया गया था और आंशका जताई गई थी कि सीसीटीवी फुटेज डीलिट किया जा सकता, जिसके कुछ ही घंटे बाद सीसीटीवी फुटेज डीलिट कर दिया गया, क्योंकि पैसे का लेन-देन कैमरे में कैद हो चुका था, जिसके बाद 11 जून का कलेक्टर ने डीवीआर को जिला शिक्षा अधिकारी के कक्ष से जप्त कराया और 14 जून जांच रिपोर्ट डिप्टी कलेक्टर ने कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत होने के बाद दिनांक 16 जून को पांच फर्जी अनुकंपा नियुक्तियों को गुपचुप तरीके से जिला शिक्षा अधिकारी ने रद्द किया, जिसकी जानकारी जांच अधिकारी डिप्टी कलेक्टर को भी नहीं दिया गया। 21 जून को एक पीड़ित परिवार स्वयं राजनंादगांव कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर लिखित शिकायत कर यह बताया कि अनुकंपा के लिए उससे लिए गए थे एक लाख बीस हजार, क्योंकि उनके प्रकरण में कुछ परेशानी आ रही थी। इसके बावजूद किसी दोषी व्यक्ति पर कोई कार्यवाही नहीं किया।
पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल का कहना है कि यह प्रमाणित हो चुका है कि शिक्षा विभाग में पैसे लेकर अनुकंपा नियुक्तियां दी गई है। यह प्रमाणित हो चुका है कि शिकायत के बाद डीवीआर से डेटा डीलिट कर दिया गया है। यह प्रमाणित हो चुका है कि नियम कानून को ताक में रखकर थोक के भाव में फर्जी अनुकंपा नियुक्ति आदेश जारी किया गया है। यह प्रमाणित हो चुका है कि शिकायत और जांच के बाद फर्जी अनुकंपा नियुक्तियों को गुपचुप रीति से रद्द कर दिया गया है। इसके बावजूद कलेक्टर को अब किसका इंतजार है? क्यों डीवीआर की फुटेज रिकव्हर नहीं किया जा रहा है? क्यों पुलिस में प्राथमिकी दर्ज नहीं कराया जा रहा है?
श्री पॉल बताया कि स्कूल शिक्षा सचिव से यह मांग किया गया है जिला शिक्षा अधिकारी हेतराम सोम को तत्काल निलंबित कर डीवीआर से फुटेज रिकव्हर कराया जाए, क्योंकि डीवीआर में पैसे के लेन-देन का फुटेज रिकॉर्ड हुआ है, जिस पर सचिव ने जल्द सख्त कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
