राजनांदगांव , बल्देव बाग स्थित इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस के जवानों के लिए ब्रह्माकुमारीज राजनांदगांव द्वारा तनावमुक्त जीवन जीने की कला विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जवानों को मानसिक रूप से सशक्त बनाना तथा उनके दैनिक जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना था।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारी प्रभा बहन ने राजयोग के माध्यम से तनावमुक्त जीवन जीने के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मानसिक संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, विशेषकर उन जवानों के लिए जो देश की सुरक्षा में निरंतर तत्पर रहते हैं। राजयोग ध्यान के अभ्यास से मन को शांति, स्थिरता और आत्मबल प्राप्त होता है, जिससे विपरीत परिस्थितियों में भी संतुलन बनाए रखा जा सकता है।
नियमित ध्यान, सकारात्मक सोच और आत्मचिंतन से व्यक्ति न केवल तनाव से मुक्त रह सकता है, बल्कि अपने कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन भी कर सकता है। कार्यशाला के दौरान जवानों को राजयोग मेडिटेशन का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी पूनम बहन तथा आईटीबीपी के लगभग 30 जवान उपस्थित थे।
व्यर्थ की चिंता अनावश्यक नहीं की जानी चाहिए ब्रह्माकुमार झालम भाई ने तनावमुक्त रहने के लिए जवान भाइयों को बताया कि वे सदा वर्तमान में रहे न बीते बातों का व्यर्थ चिंतन करें न भविष्य की चिंता। दूसरा सदा ये सोचे कि मेरे साथ जो होगा अच्छा ही होगा। कभी अपनी तुलना दूसरों से न करे क्षमा करें और क्षमा मांग ले इससे हम सदा तनावमुक्त रह सकते हैं। उप महानिरीक्षक अनवर इलाही के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में सहायक सेनानी विजय कुमार ने जवानों को कार्यक्षेत्र में तनावमुक्त रहने के लिए वक्ताओं द्वारा बताए बातों को अनुसरण करने कहा।







