राजनांदगांव । कलेक्टर जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत निक्षय निरामय पहचान एवं उपचार अभियान के तहत टीबी के उच्च जोखिम समूहों का चिन्हांकन किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनआर नवरतन ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत सेंट्रल टीबी डिवीजन के द्वारा राजनांदगांव जिले को प्राप्त हैंड हैल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से जिला जेल राजनांदगांव के 403 कैदियों का एक्स-रे मशीन के माध्यम से जांच का कार्य किया जा रहा है । प्रथम दिवस 74 कैदियों की जांच एक्स-रे मशीन के माध्यम से किया गया।

जिला नोडल अधिकारी डॉं. अल्पना लूनिया ने बताया कि राजनांदगांव जिलें में चलाए जा रहेे निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ पहचान एवं उपचार अभियान के अंतर्गत उच्च जोखिम समूह के 46671 व्यक्तियों का एक्स-रे एवं 17542 व्यक्तियों का नॉट मशीन के द्वारा जांच कराया जा चुका है। राजनांदगांव जिले को राज्य स्तर से 2 नग हैण्ड हेल्ड एक्स-रे मशीन अब तक प्राप्त हो चुका है एवं दो मशीन जिले को और प्राप्त होनी है। राज्य स्तर से अब तक 1 मशीन के इंस्टालेशन का कार्य किया गया है, शेष मशीनों के इंस्टालेशन के बाद तैयार किए गए रूट चार्ट के अनुसार ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के टीबी के उच्च जोखिम वाले व्यक्यिों का एक्स-रे जांच का कार्य मशीनों के माध्यम से किया जाएगा। जिला जेल राजनांदगांव के कैदियों का एक्स-रे मशीन के माध्यम से जांच का कार्य रेडियोग्राफर लेप्रा सोसायटी लखन निषाद, टीबी मितान अपूर्व यादव, गुनेश यादव, जिला कार्यक्रम समन्वयक भूषण साहू, एसटीएस भूपेश साहू, एसटीएलएस सतीश केशरिया की उपस्थिति एवं मार्गदर्शन में संपादित किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला जेल राजनांदगांव के मेडिकल आफिसर, फार्मासिस्ट यज्ञदत्त साहू एवं जेलर उत्तम पटेल उपस्थित थे।







