आवेदक ने कलेक्टर से शिकायत कर सनसनीखेज आरोप
वीडियो भी जारी किया
राजनांदगांव. विवादों में घिरे शिक्षा विभाग में एक और गंभीर आरोप लगा है. आवेदक बख्तावर चाल तुलसीपुर निवासी आवेदक सुदर्शन देवांगन ने कलेक्टर को शिकायत कर यह गंभीर आरोप लगाया है कि अनुकंपा नियुक्ति के लिए शिक्षा विभाग में पदस्थ कलर्क मरावी को 1 लाख 20 हजार रूपए दिए गए थे. नियुक्ति भी दी गई. इसके बाद पता नहीं क्यों,नियुक्ति को निरस्त कर दिया गया. कलेक्टर से जांच की मांग की गई है. मिली जानकारी के अनुसार कलेक्टर को लिखी गई शिकायत एवं जारी किए गए वीडियो में बताया गया है कि मेरे पुत्र डोमेन कुमार देवांगन जिसको 31 मई 2021 में शिक्षा विभाग द्वारा अनुकंपा नियुक्ति दी गई थी, जिसके लिए उनसे 1 लाख 20 हजार रूपए की मांग की गई, जिस पर उनके द्वारा दिनांक 21 मई को ही डिलिंग कलर्क मरावी को 1 लाख 20 हजार रूपए दिए गए. इसके बाद उसी दिन उन्हें अनुकंपा नियुक्ति दे दी गई, लेकिन 16 जून को नियुक्ति आदेश निरस्त कर दिया गया है, जिसके कारण पूरा परिवार वित्तीय संकट में दुखी है. कलेक्टर से इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग की गई है. इस संबंध में आवेदक ने वीडियो जारी कर भी अपनी पीड़ा बताई है.
शिक्षा विभाग के कैमरे से सब गायब
बताया जाता है कि कलेक्टर के निर्देश पर शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति को लेकर लग रहे आरोपों की जांच कराई गई थी. कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच में कैमरे से साक्ष्य पूरे मिटा दिए गए थे. शिकायतकर्ता प्रेम नारायण वर्मा ने शिक्षा विभाग पर साक्ष्य मिटाने का गंभीर आरोप लगाया था. शिक्षा विभाग पर अनुकंपा नियुक्ति के नाम पर करोड़ों रूपए वसूलने का गंभीर आरोप है.
आरोप गलत-सोम
जिला शिक्षा अधिकारी हेतराम सोम का कहना है कि उनकी अनुकंपा नियुक्ति निरस्त कर दी गई है. इसलिए उनके द्वारा झूठा आरोप लगाया जा रहा है.
