– कलेक्टर तुलिका प्रजापति की उपस्थिति में डिजिटल जनगणना 2027 पर विस्तृत मार्गदर्शन
– जिले में दो चरणों में होगी जनगणना, अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण
मोहला । आगामी जनगणना 2027 के सफल संचालन एवं प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रथम चरण अंतर्गत द्वितीय दिवस प्रशिक्षण कार्यक्रम कलेक्टोरेट के वीसी कक्ष, मोहला में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर तुलिका प्रजापति की उपस्थिति में प्रशिक्षण सत्र में जनगणना की संपूर्ण प्रक्रिया, हाउस लिस्टिंग, हाउसिंग सर्वे, मैपिंग तथा डिजिटल माध्यम से डेटा संकलन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना की जानकारी देते हुए कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है, जिसके माध्यम से शासन को सटीक एवं अद्यतन आंकड़े प्राप्त होते हैं। इन आंकड़ों के आधार पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का निर्माण एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाता है। उन्होंने अधिकारियों को जनगणना के विभिन्न चरणों, घर-घर सर्वेक्षण की प्रक्रिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से डेटा संग्रहण, गोपनीयता बनाए रखने तथा समयबद्ध रूप से कार्य पूर्ण करने के संबंध में विस्तार से मार्गदर्शन दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनगणना कार्य पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं जिम्मेदारी के साथ संपन्न किया जाए।
प्रशिक्षण सत्र में राज्य स्तरीय ट्रेनर एवं सहायक निदेशक कविन्द्र कुमार रंगारी ने जनगणना 2027 की कार्यप्रणाली एवं तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में जनगणना का कार्य दो चरणों में संपन्न किया जाएगा। प्रथम चरण में मकानों का सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा। इसके अंतर्गत प्रत्येक भवन एवं परिवार की मूलभूत जानकारी एकत्र की जाएगी। द्वितीय चरण का कार्य फरवरी 2027 में संपन्न होना प्रस्तावित है, जिसमें जनसंख्या से संबंधित विस्तृत जानकारी संकलित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना का कार्य पूर्णत: डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। मोबाइल एप के जरिए आंकड़ों का संकलन किया जाएगा, जो भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इससे डेटा संकलन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज एवं त्रुटिरहित बनेगी। प्रशिक्षण के दौरान मोबाइल एप के उपयोग की विधि, डेटा एंट्री की प्रक्रिया, लेआउट मैप तैयार करने की पद्धति तथा सर्वेक्षण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
राज्य स्तरीय प्रशिक्षकों ने बताया कि प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर सही एवं अद्यतन जानकारी संकलित करना अत्यंत आवश्यक है। सर्वेक्षण के दौरान नागरिकों को जनगणना की उपयोगिता से अवगत कराते हुए उनसे सहयोग प्राप्त करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि संकलित की जाने वाली सभी जानकारियां गोपनीय रखी जाएगी तथा उनका उपयोग केवल शासकीय योजनाओं के निर्माण एवं नीति निर्धारण में किया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर कलेक्टर जीआर मरकाम, एसडीएम मोहला हेमेंद्र भुआर्य, एसडीएम मानपुर अमित नाथ योगी, विशाल दीक्षित, रंजन कुमार मेहर सहित जनगणना से संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।





