राजनांदगांव । कोरोना महामारी का असर स्वास्थ्य के साथ शिक्षा पर भी पड़ा है। वैश्विक महामारी के चलते बंद शैक्षणिक संस्थानों ने बुधवार से नए सत्र के लिए दाखिला शुरू हो गया है। जिले के सभी स्कूलों में प्रवेश लिया जा रहा है। यही नहीं नवप्रवेशी बच्चों को तत्काल पाठ्रय पुस्तकें भी बांटी जा रही है, ताकि आनलाइन पढ़ाई भी जल्द शुरू की जा सकें। बड़ी बात यह है कि इस बार स्कूलों में बच्चों के सौ फीसदी दाखिले को लेकर शिक्षा विभाग ने योजना तैयार की है। ताकि कोई भी छात्र शाला त्यागी ना बनें। डीइओ एचआर सोम ने कहा कि नवप्रवेशी बच्चों को आनलाइन पढ़ाई से जोड़ा जाएगा। इसलिए सभी स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षकों को पहले ही निर्देशित कर दिए हैं।
शिक्षा विभाग ने इस सत्र में कोई भी छात्र शाला त्यागी ना बनें और पढ़ाई बीच में ना छोड़े। इसको लेकर योजना बनाई है। इसलिए जनरल प्रमोट हुए पांचवी कक्षा के सभी बच्चों की सूची मीडिल स्कूल को देने कहा गया है। वहीं मीडिल स्कूल में कक्षा आठवीं से जनरल प्रमोट विद्यार्थियों की सूची हाईस्कूल के प्राचार्य को सौंपने कहा गया है। ताकि बच्चों की पहचान कराकर उन्हें अगली कक्षा में प्रवेश दिया जा सकें। डीइओ ने कहा कि सौ फीसदी दाखिला जरूरी है। इसलिए जनरल प्रमोट बच्चों व उनके पालकों के नाम की सूची अपडेट करने सभी शिक्षकों को निर्देशित किया गया है।
कोरोना महामारी में कई विद्यार्थियों ने अपने माता व पिता को खो दिया है। ऐसे बच्चों के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री महतारी दुलार योजना शुरू की गई है। जिसमें जिले के 207 बच्चों का दाखिला कराया गया है। डीइओ एचआर सोम ने कहा कि कोरोना में जिनके माता या पिता की मृत्यु हो गइ है। उनके बच्चों को स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी मीडियम या शासकीय स्कूल में दाखिला देना है। कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों को पांच सौ रूपये और कक्षा नवमीं से 12 वीं तक के बच्चों को एक हजार रूपये की छात्रवृत्रि दी जाएगी। वहीं जिनके माता-पिता दोनों की मृत्यु कोरोना संक्रमण से हुई है। उनकी पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार करेगी। डीइओ एचआर सोम ने बताया कि जिले में 207 बच्चों को एडमिशन कराया गया है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे बच्चें हैं, तो उनके स्वजन शिक्षा विभाग के जरिये इस योजना से दाखिला करा सकते हैं।
