कांग्रेसी पार्षदों ने मंगलवार को नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर भाजपा शासन काल में दुकानों के आवंटन में गड़बड़ी होने का आरोप लगाते हुए इसकी जांच कराने की मांग की। वहीं पार्षदों ने गौरव पथ की हालत सुधारने की भी मांग रखी। राजस्व विभाग के चेयरमैन विनय झा के नेतृत्व में पार्षदों ने आयुक्त से मुलाकात की और कहा कि भाजपा के पूर्व महापौर के कार्यकाल में दुकान आवंटन को लेकर कई तरह की शिकायतें सामने आई।
राजस्व चेयरमैन विनय ने आयुक्त को बताया कि विभागीय स्तर पर जांच कराने पर आभास हुआ कि भाजपा के कार्यकाल में अपात्र लोगों को दुकानें आवंटित की गई है। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत बनाई गई दुकानें पात्र लोगाें को नहीं मिली। पूर्व में भी 112 दुकानों के आवंटन की जांच करने आयुक्त को ज्ञापन सौंपा गया था। अब इसकी जांच कर पात्र लोगों को ही दुकानों आवंटन किया जाएगा।
अपात्रों को कर दिया आवंटन: कांग्रेस पार्षद दल के प्रवक्ता ऋषि शास्त्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के चलते दो साल से परेशानी झेल रहे हैं। कमला कॉलेज के समक्ष की दुकानों के आबंटन को लेकर पात्र-आपात्र हितग्राहियों का मामला प्रक्रियाधीन है। जल्द ही पात्र हितग्राहियों का आवंटन किया जाएगा। ऋषि ने सवाल उठाया कि भाजपा के नेताओं की पूर्व में हुई दुकान आवंटन मामले में चुप्पी संदेहास्पद है।
लोहे की रॉड निकल गई: इसी तरह पार्षदों ने गौरवपथ की हालत सुधारने की मांग की। वार्ड पार्षद ऋषि ने आयुक्त को बताया कि सड़क पर लोहे के रॉड निकल गए हैं। इससे हादसे का खतरा बना हुआ है। कई लोग रात में दुर्घटना का शिकार भी हो चुके हैं। ज्ञापन सौंपने के दौरान चेयरमैन मधुकर बंजारे, सन्तोष पिल्ले, गणेश पवार, आमीन हुड्डा, गामेंद्र नेताम, केवल साहू, संजय रजक मौजूद थे।
दुकानों को लेकर राजनीति: नगर निगम की ओर से बनाई गई दुकानों को लेकर शहर में राजनीति होने लगी है। भाजयुमो की टीम ने दुकान आबंटन को लेकर प्रदर्शन किया था। आरोप लगाया था कि अपने लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए दुकानों के आवंटन में देरी की जा रही है जबकि पूर्व में जिनकी दुकानें हटाई गई थी, उन्हें ही प्राथमिकता देने की बात अफसरों ने कही थी पर अब दुकान आवंटन करने ध्यान नहीं दे रहे हैं।
निगम के कुछ अफसरों की भूमिका संदिग्ध है
नगर निगम के राजस्व शाखा और दुकान आवंटन की प्रक्रिया की मॉनिटरिंग करने वाले कुछ अफसरों की भूमिका संदिग्ध है। बताया गया कि जांच होगी तो खुलासा हो जाएगा कि किस तरह से फर्जी तरीके से अपात्र लोगों को दुकानें आवंटित कर दी गई हैं। कई जगहों पर तो दुकानों में ताला लटक रहा है पर पहले से कब्जा कर लिया गया है।
पात्र लगा रहे हैं निगम के चक्कर, हो रहे परेशान
शहर में कई छोटे व्यवसायी इन दुकानों के लिए पात्र हितग्राही हैं पर इन्हे चक्कर लगवाया जा रहा है। कई लोगों के आवेदन नगर निगम में पेंडिंग हैं पर अफसर इसका निराकरण नहीं कर रहे हैं। अफसरों का कहना है कि कोरोना के चलते लॉकडाउन की वजह से प्रकरण पेंडिंग हैं। अब जल्द ही निराकरण किया जाएगा। फिलहाल पूर्व में आवंटित दुकानों की जांच होगी। नए सिरे से सूची तैयार कर नियमों के तहत आवंटन किया जाएगा।
