राजनांदगांव । निमोनिया से बच्चों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य के साथ जिले में बच्चों के लिए न्यूमोकोकल कांजुगेट टीकाकरण (पीसीवी) की शुरुआत की गई है। यह कार्यक्रम पूरे देशभर में चलाया जाएगा। इसकी शुरुआत राजनांदगांव जिले में भी की गई। पीसीवी टीकाकरण कार्यक्रम का वर्चुअल उद्घाटन राज्य के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने किया है। कार्यक्रम में यहां के भी स्वास्थ्य अधिकारी जुड़े रहे।
कार्यक्रम में बताया गया कि न्यूमोकोकल कांजुगेट टीकाकरण निमोनिया पीड़ित बच्चों के स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक सिद्ध होगा। यह टीकाकरण कार्यक्रम पहले सिर्फ पांच राज्यों में चलाया जा रहा था, लेकिन अब इसे यूनिवर्सल इंयूनाइजेशन प्रोग्राम में शामिल कर लिया गया है। बरसात का मौसम आते ही संभावित कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के अलावा बच्चों को निमोनिया से भी सुरक्षित रखने का प्रयास जिले में तेजी से शुरू हो गया है। इसी क्रम में निमोनिया से बचाव के लिए जिले के टीका के लिए पात्र सभी बच्चों का पीसीवी टीकाकरण किया जाएगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों में निश्शुल्क दी जाएगी
बताया गया कि इस वैक्सीन की डोज जिले के शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों में निश्शुल्क दी जाएगी। निमोनिया से बचाव के लिए पीसीवी वैक्सीन क्रमशः छह और 14 सप्ताह उम्र के बच्चों को दी जाएगी। इसके अलावा 9 माह उम्र के बच्चों को बूस्टर डोज दी जाएगी। जिला टीकाकरण अधिकारी डा.. बीएल कुमरे ने बताया, यह जीवन रक्षक टीका कोविड संक्रमण काल में बच्चों को स्वस्थ रखने के साथ ही निमोनिया के कारण होने वाले अस्पताल व दवाओं के खर्चों को भी कम करेगा। इस टीके के तीन डोज होंगे।
पूरी तरह सुरक्षित व असरदार
विशेषज्ञों ने बताया कि न्यूमोकोकल बैक्टीरिया से होने वाले निमोनिया, मस्तिष्क ज्वर, कान का इन्फेक्शन व साइनुसाइटिस से बचाव के लिए न्यूमोकोकल वैक्सीन (पीसीवी वैक्सीन) पूरी तरह सुरक्षित व असरदार है। उन्होंने बताया, निमोनिया, मस्तिष्क ज्वर, कान का इन्फेक्शन व साइनुसाइटिस की वजह से देश में हर साल लगभग 15 फीसदी बच्चों की मौत हो जाती है, जो बेहद गंभीर विषय है, लेकिन पीसीवी टीकाकरण के माध्यम से बच्चों की निमोनिया से होने वाली इस मृत्यु दर पर अब काफी हद तक नियंत्रण किया जा सकता है। पीसीवी के एक टीके की कीमत बाजार में लगभग ढाई से तीन हजार रुपये है और ऐसे में पीसीवी टीकाकरण को यूनिवर्सल इंयूनाइजेशन प्रोग्राम में शामिल किया जाना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा.. मिथलेश चौधरी ने बताया, पीसीवी टीका प्रदेश भर के पात्र बच्चों को निश्शुल्क लगाया जाएगा।
जिले के 37,000 बच्चों का लक्ष्य एक वर्ष में जिले के 37,000 पात्र बच्चों के पीसीवी टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। हर सप्ताह मंगलवार और शुक्रवार को आयोजित किए जाने वाले नियमित टीकाकरण सत्र में जिले के सभी शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों तथा आंगवाड़ी केंद्रों में पात्र बच्चों का पीसीवी टीकाकरण निश्शुल्क किया जाएगा।
