वैक्सीनेशन में जिला काफी पीछे चल रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह दूसरी लहर में युवाओं का सबसे ज्यादा संक्रमित होना है। 1 मार्च से 3 जून तक की स्थिति में युवा वर्ग ज्यादा पॉजिटिव हुए। इसलिए इन्हें टीका लगाने के लिए अभी तीन माह तक इंतजार करना होगा। यही वजह है कि 18 प्लस और 40 आयु वर्ग के लोग टीका लगाने में पीछे हैं।
चार माह के भीतर 26 से 40 आयु वर्ग के 13,332 लोग कोरोना संक्रमित हुए थे। वहीं 19 से 25 आयु वर्ग के 5565 युवा संक्रमण की चपेट में आए थे। इसी तरह 41 से 50 वर्ष आयु वर्ग के 6444 लोगों को कोरोना ने चपेट में लिया था। इनमें से ज्यादातर को अभी तीन माह पूरे नहीं हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइड लाइन के अनुसार पॉजिटिव आने के तीन माह के बाद ही वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा सकती है। इसके पहले डोज नहीं दी जा सकती।
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि दूसरी लहर में युवा सबसे ज्यादा संक्रमित हुए, क्योंकि इन्हे टीका लगना शुरू नहीं हुआ था जबकि जनवरी माह से फ्रंट लाइन वॉरियर्स को टीका लगाना शुरू हो गया था।
सरकार का फरमान, पायलट प्रोजेक्ट पर होगा काम
इधर भारत सरकार की ओर से पायलट प्रोजेक्ट पर काम करने निर्देश जारी कर दिया गया है। इसके तहत किसी एक गांव और कस्बे के सभी 18 प्लस युवाओं को टीका लगाया जाएगा। इस गांव और कस्बे को मॉडल के रूप में प्रोजेक्ट किया जाएगा ताकि दूसरे लोग यह देख और सुनकर खुद भी वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित हो सकें। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ बीएल कुमरे ने बताया कि वैक्सीनेशन की रफ्तार धीमी होने के कई कारण हैं। बताया गया कि ज्यादातर युवा संक्रमित हुए थे। यह भी कारण है।
