16 जनवरी से आरंभ हुए टीकाकरण अभियान में शनिवार को माहौल ठंडा था क्योंकि डोज कम थे। इसीलिए केंद्रों की संख्या भी घटाकर 12 करना पड़ी। सोमवार को कोविशील्ड के 3800 व कोवैक्सीन के 900 डोज मिलते ही माहौल बदल गया है। केंद्रों की संख्या भी बढ़ाकर 12 से 82 कर दी गई। सोमवार को 2800 टीके लगे।
झाबुआ 16 जनवरी से आरंभ हुए टीकाकरण अभियान में शनिवार को माहौल ठंडा था क्योंकि डोज कम थे। इसीलिए केंद्रों की संख्या भी घटाकर 12 करना पड़ी। सोमवार को कोविशिल्ड के 3800 व कोवैक्सीन के 900 डोज मिलते ही माहौल बदल गया है। केंद्रों की संख्या भी बढ़ाकर 12 से 82 कर दी गई। सोमवार को 2800 टीके लगे।
सामान्यतः 1000-1500 टीके एक दिन में जिले में लगते आ रहे हैं। सोमवार को 2800 के आंकड़े को जिले ने छुआ है। इसकी वजह यह है कि शनिवार को डोज कम हो गए थे। ऐसे में मानसिकता यह बनी की डोज की कमी है। इसलिए टीका लगवाने में जल्दी करना ही समझदारी है।
यह था शनिवार का परिदृश्य
मात्र 680 टीके बचे हुए थे। कोवैक्सीन का तो दूसरी डोज ही लगाया जा रहा था, क्योंकि कोवैक्सीन कम ही मिल रही है। कोविशील्ड का नया डोज सोमवार को मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही थी, लेकिन कोवैक्सीन को लेकर फिलहाल कुछ समय लगने की बात कही जा रही थी। डोज कम होने से ही केंद्र भी 12 कर दिए गए थे। उसके पहले 70 केंद्र चल रहे थे।
यह रहा सोमवार का परिदृश्य
3800 कोविशील्ड व 900 कोवैक्सीन के डोज इंदौर से आ गए। एकदम से टीकाकरण कार्यक्रम में उत्साह आ गया। 82 केंद्र कर दिए गए। डोज कम होने की बात फैल ही चुकी थी। इसका असर हुआ और 2800 लोग टीका लगवाने पहुंच गए।
एक नजर में
– 10 लाख 24 हार जनसंख्या
– 1 लाख 8 हार टीके लग चुके
– 8 हार 400 को ही कोवेक्सीन
– 99 हार से अधिक को कोविशिल्ड लगी
16 जनवरी से आरंभ हुआ था अभियान
व्यापक प्रयास किये जा रहे
जिले में कोरोना से सुरक्षा का टीका लगाने का अभियान शत-प्रतिशत लक्ष्य तक पहुंचाने के व्यापक प्रयास किया जा रहा है। हर वर्ग को समझाया जा रहा है। हालांकि शहरों में ही अभी कुछ जागरूकता है। गांवों में तो टीका लगवाने को लेकर ज्यादा रुझान नजर नही आ रहा।
आ गई थी दिक्कतें
पिछले दिनों वैक्सीन खत्म होने के कारण टीकाकरण करवाने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। 2 दिनों तक तो स्थिति यह थी कि दूसरा डोज लगाने वाले लोगों को ही टीके लग पा रहे थे। अब वैक्सीन आ जाने से टीकाकरण के कार्य में गति आई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे वैक्सीन मिलती जाएगी, टीकाकरण कार्य तेज गति से चलाया जाएगा।
