मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिले में 556 करोड़ 86 लाख 84 हजार रुपए की लागत से 192 विभिन्न निर्माण कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री बघेल ने राजनांदगांव जिले की मां बम्लेश्वरी को प्रणाम करते हुए कहा कि यह खुशी की बात है कि जिले को आज विकास कार्यों की सौगात मिली है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव जिले में मनरेगा के तहत सबसे ज्यादा 111 प्रतिशत काम हुआ है, जिससे श्रमिकों को रोजगार मिला है।
सीएम ने कहा कि अभी हाल ही में राजनांदगांव जिले की एक सड़क की तस्वीर अखबार में देशभर के प्रमुखता से छपी। छुईखदान-बकरकट्टा मार्ग पर पहाड़ों को काटकर सड़क बनाने का काम पूरा हो चुका है। 9 मोड वाली यह सड़क वनवासियों के जीवन में भी एक नया मोड़ लाएगी। यह शासन द्वारा वनवासी क्षेत्रों के विकास के लिए संकल्प के साथ किए जा रहे कार्यों का एक उदाहरण है।
वन अधिकार पट्टों का वितरण किया
मुख्यमंत्री ने वन अधिकार पट्टों का वितरण किया तथा शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों से चर्चा की। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर एवं अन्य कैबिनेट मंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े। धनेश पाटिला, विधायक खुज्जी छन्नी साहू, महापौर हेमा देशमुख, लीलाराम भोजवानी, जिला पंचायत अध्यक्ष गीता साहू, विवेक वासनिक, हफीज़ खान, पार्षद कुलबीर छाबड़ा, नवाज खान, पदम कोठारी, शाहिद खान आदि मौजूद रहे।
मोहला-मानपुर विस क्षेत्र की विभिन्न मांगें रखी
सांसद संतोष पाण्डेय ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। संसदीय सचिव इंद्रशाह मंडावी ने मोहला-मानपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए विभिन्न मांगे रखी एवं समस्याओं के संबंध में जानकारी दी। अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण दलेश्वर साहू ने कहा कि शासन ने कोरोना काल में बेहतर नियंत्रण एवं प्रबंधन से कार्य किया। अध्यक्ष अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण भुनेश्वर बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल किसानों एवं गरीबों के साथ खड़े हुए हैं।
मां बम्लेश्वरी की पहाड़ वाली तस्वीर ट्वीट की
कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल ने मां बम्लेश्वरी की तस्वीर को आज सुबह ही ट्वीट किया है, जिससे गरिमा बढ़ी है, इसके लिए उनका आभार। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव जिले की सीमा महाराष्ट्र से लगती है। दोनों ओर से सघन सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध होने के कारण सतत आवाजाही बनी रहती है। कोरोना संकट को नियंत्रण करना इस जिले के लिये बहुत चिंता थी, लेकिन कोरोना संकट पर जिले में काफी नियंत्रण कर लिया गया है।
