राजनांदगांव, केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को चन्द्रगिरि तीर्थक्षेत्र डोंगरगढ़ के विद्यासागरोदय समाधि स्थल में संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महामुनिराज के द्वितीय समाधि स्मृति महामहोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने समाधि स्थल पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने आचार्य विद्यासागर महाराज के नाम से 210 डाक लिफाफे का विमोचन, भारत सरकार द्वारा चांदी के सिक्के का विमोचन किया। उन्होंने आचार्य विद्यासागर संग्रहालय का शिलान्यास एवं भूमिपूजन किया तथा पौधरोपण किया।
केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर महामुनिराज का स्मरण करने पर करूणा से भरा हृदय और मुस्कुराते हाथों से उनका आशीष देना याद आ जाता है। उन्होंने कहा कि डोंगरगढ़ की धरा पर आकर मैं धन्य हो गया। आज यहां आकर मन में दो भाव आ रहे हैं कि काश यहां आकर मुझे बोलने का नहीं बल्कि उनको सुनने का अवसर मिलता। आज यहां डोंगरगढ़ में उनके बिना सूना महसूस हो रहा है, लेकिन दूसरी तरफ यह भाव भी महसूस हो रहा है कि आचार्य विद्यासागर महाराज की उपस्थिति का अहसास हर जगह हो रहा है।
उन्होंने कहा कि हम सभी जन्म का उत्सव मनाते हैं, लेकिन मृत्यु का उत्सव मनाने वाले मौत को जीत जाते है। इस अवसर पर सांसद संतोष पाण्डे, विधायक डोंगरगांव दलेश्वर साहू, कोमल सिंह राजपूत, पूर्व विधायक रामजी भारती, संजय बडज़ात्या, मनीष जैन, अशोक जैन एवं जनप्रतिनिधि तथा जैन समाज के प्रबुद्धजन, स्कूली बच्चे व नागरिक उपस्थित थे। इस अवसर पर कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने छत्तीसगढ़ का इतिहास तथा एसपी अंकिता शर्मा ने छत्तीसगढ़ पर्यटन किताब उन्हें भेंट की।
उनका एक पल हम अपना लें तो जीवन सार्थक: यादव स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर के द्वितीय समाधि स्मृति महामहोत्सव के अवसर पर यहां आने का सौभाग्य मिला है। उनका एक पल यदि हम अपने जीवन में उतार लें तो हमारा जीवन सार्थक हो जाएगा। आने वाले समय में यह स्थान जैनियों के लिए तीर्थ स्थान के रूप में विकसित होगा। आचार्य विद्यासागर महाराज की सोच के अनुरूप यहां सेवा एवं ज्ञान के लिए कार्य किया जा रहा है। यहां पढ़ाने वाले शिक्षक वेतन नहीं लेते जो एक अनुपम उदाहरण है। यह समाज के लिए अच्छी पहल साबित हो रही है



