राजनांदगांव। जिले के नवपदस्थ कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा ने पदभार संभालने के बाद सरकारी योजनाओं की ताजा स्थिति पर नजर घुमाई है। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय समन्वय समिति व परामर्शदात्री समिति की बैठक लेकर उन्होंने अफसरों से कहा कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाएं। तभी सरकार की मंशा पूरी हो सकेगी। इसमें किसी तरह की कोताही से बचने की हिदायत भी दी। यह भी कहा कि कोरोना के संकट काल में कोई बैंक से जुड़डी सुविधाओं से वंचित न रह पाएं।
बैठक में विभिन्ना योजनाओं के तहत बैंकों द्वारा किए जाने वाले कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि कहा कि कोविड-19 के दौरान बैंकों ने अच्छा कार्य किया है। बैंक हितग्राहियों को अधिक से अधिक सुविधाएं और कार्य उपलब्ध कराएं। कलेक्टर सिन्हा ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि इस योजना में जितने लोगों का पंजीयन किया गया है, उनमें अधिक से अधिक लोगों का क्लेम होना चाहिए। योजना का लाभ हितग्राहियों तक पहुंचाने का कार्य किया जाना चाहिए।
बताया गया कि प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना के अंतर्गत गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए लागू की गई है। इसमें किशोर और तरूण वर्गों को लक्ष्य के अनुरूप अधिक ऋण प्रदान किया गया है। शिशु वर्ग में भी अच्छा कार्य करें। कोरोना के कारण व्यापार अधिक प्रभावित हुए हैं, इसमें हितग्राहियों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाकर व्यापार करने में मदद करें। स्टैंडअप इंडिया के अंतर्गत पिछड़ी जाति और महिलाओं को उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्हें ऋण प्रदान करने के पहले नाबार्ड की मदद से प्रशिक्षण दिया जाए।
व्यवसाय शुरू करने के बारे में जानकारी दें
बैठक में कलेक्टर ने जोर देते हुए कहा कि मुर्गी पालन, मछली पालन, उद्यानिकी, डेयरी जैसे व्यवसाय प्रारंभ करने के बारे में जानकारी दें। जिससे विक्रय करने में बाजार आसानी से मिलेगें। उन्होंने कहा कि मछली पालन, पोल्ट्री फार्म, हेचरी निर्माण जैसे एक्टीविटी में अभियान चलाकर बढ़ावा दिया जाए। इसके लिए कार्य योजना तैयार कर लगातार कार्य करें।
कलेक्टर सिन्हा ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि बीमा राशि में आने वाली दिक्कतों को दूर करें, सभी बैंक इसके लिए कार्य करें। हितग्राहियों को इसका लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सड़क किनारे व्यवसाय करने वालों को 10 हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसके अंतर्गत अधिक से अधिक हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध कराएं। उन्होंने इसमें प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने लीड बैंक मैनेजर से कहा कि हैण्ड बुक तैयार कर सभी योजनाओं को संकलित करें। जिसमें हितग्राहियों को एक साथ सभी योजनाओं की जानकारी मिल सके।
1256 करोड़ आठ लाख का केसीसी ऋण जारी बैंक आफ बड़ौदा के क्षेत्रीय कार्यालय दुर्ग के क्षेत्रीय प्रबंधक अरविंद पाठकर ने कहा कि कोरोना काल में बैंकों द्वारा अच्छा कार्य किया गया है। कोविड-19 में छोटे-छोटे व्यवसायियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कार्य करें। इससे अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सकेगा। लीड बैंक मैनेजर अजय कुमार त्रिपाठी ने जानकारी दी कि जिले का सीडी दर 47.09 है। वर्ष 2020-21 में 1256 करोड़ आठ लाख केसीसी ऋण जारी की गई है। स्टैंडअप इंडिया के अंतर्गत दो करोड़ 16 लाख रुपये का ऋण प्रदान किया गया है। वहीं पांच हजार 822 स्वसहायता समूह को 89 करोड़ 55 लाख रुपये का ऋण इस वर्ष दिया गया है। उन्होंने वर्गवार बैंकों द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी दी।
