कोंडागांव । महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत NGO द्वारा संचालित बालगृह में कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी सेवाएं यथावत रखे जाने की मांग करते हुए प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की है।
कर्मचारियों का कहना है कि वे बीते कई वर्षों से अनाथ, निराश्रित और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की सेवा पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करते आ रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से कोरोना महामारी काल का उल्लेख करते हुए बताया कि उस कठिन समय में भी उन्होंने अपने परिवारों से दूर रहकर बालगृह में निवास किया और बच्चों की सुरक्षा, भोजन, इलाज, पढ़ाई तथा मानसिक देखभाल की जिम्मेदारी निभाई।
कर्मचारियों ने कहा कि कोरोना काल में कई महीनों तक उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना बच्चों को अकेला नहीं छोड़ा। सभी कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का ही परिणाम है कि आज बालिकागृह कोंडागांव की बालिकाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल रही हैं और लगातार दो वर्षों से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार की विजेता बनी हैं।
कर्मचारियों ने आशंका जताई कि यदि उनकी सेवाएं समाप्त की गईं तो उनके परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। साथ ही इसका सीधा असर बालगृह में रह रहे बच्चों की देखभाल और व्यवस्था पर पड़ेगा, क्योंकि वर्तमान कर्मचारी प्रशिक्षित और अनुभवी हैं।
ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में बालगृह कर्मचारी मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में सेवाएं यथावत रखने की मांग की।
