राजनांदगांव। शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवय राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, इतिहास विभाग व वनस्पति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मनाया गया। प्राचार्य डा.आइआर सोनवानी ने महाविद्यालय के गार्डन में पांच पौधे गुलमोहर व आम के रोपे। सभा को संबोधित करते हुए डा. सोनवानी ने कहा कि प्रदूषण की समस्या पर 1972 में संयुक्त राष्ट संघ ने स्वीडन में पहला सम्मेलन आयोजित किया था। जिसमें विश्व भर के 119 देशों ने भाग लिया था। पर्यावरण दिवस का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जगरूकता लाना है। पर्यावरण दिवस प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुध दोहन, जंगलों की कटाई व ग्लोबल वार्मिंग से बचाव और भविष्य में आने वाले खतरों से निपटने की इच्छा से मनाया जाता है। प्रतिवर्ष एक नया विषय का चयन किया जाता है। इस वर्ष का विषय-इको सिस्टम को मूल रूप में लाना है। उन्होंने सभी से कहा कि हम प्रकृति से सामंज्स्य बनाकर चलें, हम प्रकृति के दास हैं स्वामी नहीं। पर्यावरण दिवस के दिन वाहन का उपयोग न करने के संकल्प के साथ महाविद्यालय पैदल चलकर आएं तथा इस तरह के कार्य में हाथ बांटने के लिए सभी से अपील की।
दिग्विजय महाविद्यालय के स्वयंसेवकों ने पौधारोपण पर दिया जोर
राजनांदगांव। दिग्विजय महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर वर्चुअल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर संजय देवांगन ने पर्यावरण के मानव जीवन पर कितने उपकार हैं और हम इस उपकार के बदले में पर्यावरण को क्या दे सकते हैं, इसके बारे में विस्तार से स्वयंसेवकों को जानकरी दी। कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर नूतन देवांगन ने भी ‘पर्यावरण के प्रति हमारे कर्तव्य’ विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। वर्चुअल मोड में लाइव पौधारोपण दिखाया गया, ताकि समाज और लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता आ सके। पौधारोपण गतिविधि में स्वयंसेविका जागृति निर्मलकर, उषा सिन्हा, टोनिका वर्मा, पल्लवी यादव एवं स्वयंसेवक लीलाधर सिन्हा, विनय साहू ने न केवल अपनी जागरूकता का परिचय दिया, बल्कि पर्यावरण के प्रति प्रेम तथा विभिन्ना पौधों के सभी गुणों को समक्ष रखने का प्रयास किया। राष्ट्रीय सेवा योजना के वरिष्ठ स्वयंसेवक लिकेश्वर सिन्हा ने मानव के व्यावहारिक जीवन में पर्यावरण के महत्व का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को न केवल पौधे लगाने बल्कि वृक्षों की रक्षा करने के लिए अंतर्मन से परिवर्तन की शुरुआत करने को प्रेरित किया।
ग्राम पंचायत मनेरी में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर पृथ्वी फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद प्रदीप गांधी ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा कर हम अपने ग्राम पंचायतों को समृद्धि के मार्ग पर ले जा सकते हैं। पर्यावरण पूरक उद्योग-धंधों के माध्यम से गांव में रोजगार सृजन तथा महिला सशक्तीकरण के माध्यम से हम संपूर्ण क्रांति के स्थान पर सम्पूर्ण समृद्धि का नारा दे सकते हैं। कोरोना काल में आक्सीजन की कमी से हमारे अनेक लोग हमसे बिछुड़ गए हैं, लेकिन पौधा शुद्ध आक्सीजन देता है। हम सभी अपने-अपने घरों में गांवों में अधिक से अधिक पेड़ लगाएं तथा धरती में शुद्ध आक्सीजन की मात्रा बढ़ाएं। यह हम सभी का कर्तव्य है। इस वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक पेड़ लगाएं तथा पर्यावरण की रक्षा करें।
समूह की बहनों ने अपनी गतिविधियों के बारे में बताया तथा कुछ उत्पादक कार्य जिससे बहनों की आजीविका मजबूत हो इसके लिए सहयोग की। प्रदीप गांधी ने एक मंत्र महिला समूह को दिया विश्व सर्जन से सृजन की ओर चलेगा, प्रगति अपने आप दिखेगी। समूह की बहनों को रखिया का बीज दिया तथा कहा इसका उत्पादन करो फिर इसकी बड़ी बनाओ और पूरे जिले में सप्लाई करो। बीज के अंदर समृद्धि छिपी हुई है। पर्यावरण दिवस पर समूह की महिलाआं को बादाम, काजू, कटहल, आंवला, शहतूत के 50 पौधे दिए गए। इस दौरान जुमतबाई पोहनदास साहू, टीकाराम कंवर, ढालदास, घुम्मन कंवर, श्रीमती सोनिया साहू, बबीता, पार्वती साहू, शीला डहरे, निर्मला मंडावी, डुमेश्वरी साहू, बरनबाई साहू, निर्मला साहू, शीला डहरे तथा मधुमक्खी ट्रेनर मोहन साहू व अन्य मौजूद रहे।
