खल्लारी, महासमुंद जिला से करीब 28 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत तमोरा, ऐसा गांव जिसका नाम सुनते ही मन में “गांधी ग्राम तमोरा” का चित्र अंकित हो जाता हैं। इस गांव के कुछ लोग पिछले 5 साल से तमोरा – अमलोर मार्ग में जंगल पर कब्जा करने में लगे हुए हैं। बेखौफ पेड़ो की कटाई कर रहे हैं।
जंगल को कब्जा और हरे भरे पेड़ को कटने से बचाने के लिए दो कदम प्रकृतिक की ओर समिति के युवाओं ने इसका बीड़ा उठाया है। जिन्होंने प्रकृति को बचाने का अनोखी पहल शुरु की है। आमाकोनी में दो कदम प्रकृति की ओर समिति के संस्थापक संजय साहू और टीम के सभी सदस्य प्रकृति सेवा को समर्पित होकर जंगल के कब्जा वाले जगहों पर जाकर स्लोगन, संदेश को तख्ती के माध्यम से लोगो में जागरूकता कर रहे है। साथ ही पेड़ पर स्लोगन चिपकाते है। जंगल में बांस को गड़ाकर बैनर रखते है। इस तरह लोगों को भी इसका विरोध करने अपील कर रहे है।
ताकि जंगल में हरियाली कायम रहे। अब तक इस जंगल से 100 से अधिक पेड़ को कटाकर ले गए। साथ ही इन जगहों पर समतल कर खेत और घर बनाने की फिराक में है। वही रास्त में टहनियों को फेंक दिया है। इसके कारण लोगों को आवागमन में दिक्कतें होती है। युवा का संगठन गांव – गांव में सार्वजनिक जगहों पर पेड़ लगाने का काम करते है। संजय साहू ने कहा कि जंगल में कब्जा होने की बात सुनकर कब्जा रोकने व पेड़ को बचाने का प्रयास कर रहे है। खास बात ये है कि संगठन के युवाओं ने 2019 से लेकर अब तक 2 हजार से अधिक पौधे लगा चुके है। साथ ही पौधे के बड़े होने तक इनकी समुचित देखरेख भी करते है। संगठन के युवाओं ने बताया कि कब्जाधारी पेड़ को काटने के बाद बाकायदा समतल करते है।
दो कदम प्रकृति संगठन के युवाओं के द्वारा लगाए गए पौधे अब पेड़ बनकर लोगों को न केवल छाया दे रहे है। बल्कि फल भी प्रदान कर रहे है। युवा ग्राम पंचायत खम्हरिया, आमाकोनी, अमलीडीह, तमोरी के स्कूल, तुसदा, रेलवे फाटक भीखखोज, खल्लारी, सरकारी अस्पताल परिसर, गांव के तालाब, मैदान, स्कूल मैदान सहित अन्य जगहों पर पौधे रोपे है।
