राजनांदगांव। टूल किट मामले को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस-भाजपा एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। महापौर हेमा सुदेश देशमुख ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह के ट्वीट को ट्विटर के मैनिपुलेटेड मीडिया घोषित किए जाने के बाद पूरी तरह से बेनकाब हो चुके हैं। रमन सिंह झूठे दस्तावेज के आधार पर कांग्रेस को बदनाम कर रहे थे और अब जबकि उनका झूठ सबके सामने आ चुका है। इसलिए उन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए। ट्विटर द्वारा डा.रमन सिंह के टूलकिट को मैनिपुलेटेड मीडिया बताने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि हजार बार झूठ बोलने से झूठ, सच नहीं हो जाता है। भाजपा द्वारा टूलकिट की आड़ में देश और समाज में घृणा फैलाने के इरादे से अफवाह फैलाने, फर्जी दस्तावेजों से कांगे्रस पार्टी को नीचा दिखाने की कोशिश की गई है। डा. रमन सिंह ने जो दस्तावेज सार्वजनिक किए, वे फर्जी थे। किसी फर्जी दस्तावेज को सही बताकर प्रसारित करना अपराध है। महापौर देशमुख ने आरोप लगाया कि केंद्र में बैठी मोदी सरकार कोरोना संक्रमण को रोकने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की वैक्सीन नीति की दिशाहीनता के चलते आज देश की 130 करोड़ आबादी की मात्र 11 प्रतिशत जनसंख्या को वैक्सीन की सिंगल डोज और तीन प्रतिशत जनसंख्या को वैक्सीन की दोनों डोज लग पाई है।
इधर, महापौर के बयान पर पलटवार करते हुए नगर निगम नेताप्रतिपक्ष किशनु यदु ने कहा कि महापौर हवा-हवाई में बयानबाजी कर रही है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस की कार्यकर्ता सौम्या वर्मा जो कि अभा कांग्रेस कमेटी के सदस्य राजीव गौडा के यहां काम करती हैं वे स्वयं राजीव गौडा ने स्वीकार किया है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की शोध शाखा को यह काम सौंपा गया था। दूसरी बात महापौर हेमा यह बताए कि कांग्रेस के शीर्ष नेता शशि थरूर, कमलनाथ व उनके समस्त प्रवक्ताओं ने एक ही दिन कैसे इस बात को बोले कि यह भारतीय वायरस है, मोदी वायरस है, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को कैसे मोदी का घर कहा। महापौर ने सभी बातें हवा-हवाई में कही है। जबकि तथ्य यह है कि कांग्रेस के शासनकाल में जिस प्रोजेक्ट का बजट तीन गुना था क्षेत्रफल भी लगभग दो गुना था उस घोटाले को मोदी ने उजागर किया। वैक्सीनेशन को लेकर राज्य के स्वास्थ्यमंत्री के अलावा कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं द्वारा भ्रमपूर्ण बयान दिया गया। यहीं कारण है किआज पूरे भारत वर्ष में ग्रामीण क्षेत्रों में लोंगो ने वैक्सीन लगाने से मना कर दिया। इतना ही नही वैक्सीन लगाने जाने वाली स्वास्थ्य टीमों पर जानलेवा हमला होने लगा।
