राजनांदगांव। जिले में किसान खरीफ फसलों की तैयारी में जुट गए हैं। खेतों में रौनक दिखने लगी है। गौठानों में बड़ी मात्रा में वर्मी कंपोस्ट तैयार है। प्रशासन की योजना है कि इसका उपयोग ज्यादा से ज्यादा हो। इसके लिए मैदानी टीम किसानों को वर्मी कंपोस्ट खरीदने के लिए प्रेरित करेंगे। साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करने कहा गया।
बैठक में गोधन न्याय योजना की समीक्षा करते हुए कहा गया कि जिले में जिस अनुपात में गोबर खरीदा गया है वर्मी कंपोस्ट का निर्माण उसी अनुपात में हो। वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण किया गया है उसका विक्रय करें। बैंकों से समन्वय कर खाद के साथ वर्मी कंपोस्ट लेने के लिए किसानों को प्रेरित करें। खेती-किसानी के दिनों में अधिक से अधिक वर्मी कंपोस्ट का विक्रय करें। जिससे स्वसहायता समूहों तथा किसानों को भी लाभ मिल सके। ऐसे गोबर जिन्हें अधिक समय से खरीदा गया है उसका सुपर कम्पोस्ट बनाया जाए।
कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने बैठक में कहा कि जिले में कोरोना संक्रमण की दर में कमी आई है और रिकवरी दर में वृद्धि हुई है। जिसकी राज्य स्तर पर प्रशंसा भी हुई है। फिर भी अधिक सावधानी रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लाकडाउन के चलते शासकीय कार्य रूके हुए हैं, सभी कार्य प्रारंभ किए जाए। कोर्ट में चलने वाले जरूरी केस, सीमांकन कार्य तथा अन्य कार्यों को प्राथमिकता से करें। कोविड-19 का संक्रमण पूर्ण से समाप्त नहीं हुआ है। पंचायत स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों में टीम गठित की गई है। वे लगातार कार्य करते हुए निगरानी करें और प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई भी करें। शारीरिक दूरी, मास्क लगाना तथा वैक्सीनेशन के लिए लोगों को जागरूक करें।
कलेक्टर वर्मा ने कहा कि किसानों को विभिन्ना योजनाओं के तहत खाते में राशि प्राप्त हुई है इसके आहरण के लिए बैंकों में अधिक भीड़ हो रही है। वहीं पीडीएस की दुकानों में बीज-खाद लेने किसान आ रहे हैं। इन जगहों पर प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी है। मेडिकल स्टाफ की टीम ऐसे स्थानों पर मोबाईल वेन के माध्यम से सैम्पलिंग कराएं। सीमावर्ती क्षेत्रों में भी सैंपलिंग लगातार होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजेनेटेड बेड की व्यवस्था होनी चाहिए।
बैठक में टीकाकरण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। वैक्सीनेशन की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने कहा कि वैक्सीनेशन में तेजी जाए। जिन लोगों ने वैक्सीन का पहला डोज लगा लिया है वे निर्धारित समय में दूसरा डोज जरूर लगाएं। वैक्सीन से ही आने वाली संकट से बचा जा सकता है। सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांव के लोगों को वैक्सीनेशन का लाभ बताएं और उन्हें जागरूक करें। कोविड-19 में अनेक कर्मचारियों की मृत्यु हुई है। शासन ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश को शिथिल किया है। इसका लाभ उनके परिजनों को मिलना चाहिए। जिन कर्मचारियों की अनुकंपा नियुक्ति की जानी है ऐसे प्रकरणों का जल्द ही निराकरण करें। नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द ही पूरा करें। नियुक्ति शासन के दिशा-निर्देश और शर्तों को ध्यान में रखकर करें।
कलेक्टर वर्मा ने कहा कि जनपद पंचायत, कृषि विभाग, वन विभाग द्वारा जल संरक्षण का कार्य किए गए हैं। बारिश के पहले इसका सर्वेक्षण कर जल स्तर की जानकारी प्राप्त करें। जिन स्थानों पर जल संवर्धन का कार्य किया गया है वहां इस वर्ष जल स्तर और पिछले वर्ष के जल स्तर में अंतर आया है उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि वन, उद्यानिकी और जिन विभागों द्वारा पौध रोपण का कार्य किया जाना है, इसकी तैयारी करें। रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत मजदूरों की संख्या बढ़ाने कहा। उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत में तूफान आने की संभावना है। जिसका असर जिला में पड़ सकता है इसलिए सभी सतर्क रहे।
जिला पंचायत सीईओ अजीत वसंत ने कहा कि वर्मी कंपोस्ट के लिए बड़े किसानों को अधिक से अधिक प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर मनरेगा में मजदूर बढ़ाकर लोगों को रोजगार दिलाए। बारिश प्रारंभ होने से पहले जल जीवन मिशन के अंतर्गत किए जाने वाले कार्यों को पूरा करें। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डी श्रवण, सीईओ जिला पंचायत अजीत वसंत, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त आशुतोष चतुर्वेदी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। वीडियो कांफ्रेस के जरिए सभी एसडीएम, जनपद सीईओ, सीएमओ एवं बीएमओ जुड़े रहे।
