राजनांदगांव। राजीव गांधी न्याय योजना के तहत जिले के पौने दो लाख किसानों के खाते में राज्य सरकार ने आनलाइन तरीके से 124 करोड़ रुपये जमा किया है। खाते में जमा हुई रकम को निकलने के लिए किसान जिला सहकारी बैंक पहुंच रहे हैं।
सोमवार को रेलमपेल जैसी स्थिति रही। लाइन में खड़े किसनों के चेहरे पर न मास्क था, न ही शारीरिक दूरी के नियमों का पालन हो रहा था। आश्चर्य की बात यह है कि बैंक प्रबंधन की तरफ से सैनिटाइजर की भी व्यवस्था नहीं की गई थी।
जिला सहकारी बैंक पहुंचे किसानों के बीच किसी भी प्रकार की शारीरिक दूरी का पालन नहीं हो रहा है। पैसे निकलने के लिए लंबी लाइन लगी रही और किसान खुलेआम कोरोना गाइड-लाइन की धज्जिया उड़ाई जा रही थी।
वहीं बैंक द्वारा कोई भी कोरोना गाइड लाइन को लेकर किसी तरह की पहल देखने को नहीं मिली। इससे कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा भी बढ़ गया है।
खरीफ सीजन में जिले के एक लाख 86 हजार 470 किसानों ने राज्य सरकार को 76 लाख क्विंटल धान बेचा था। धान बेचने के बाद किसानों, को अंतर की राशि का भुगतान नहीं किया गया था।
राज्य शासन द्वारा पिछले साल की तरह इस बार भी किसानों को चार किस्त में बोनस की राशि दी जा रही है, जिसमे पहली किस्त के रूप में जिले के एक लाख 86 हजार 470 किसानों को 123 करोड़ 89 लाख 63 हजार रुपये उनके खाते में सीधे डीबीटी के माध्यम से जमा किया गया है।
इसे निकालने के लिए होड़ मची है। वही महामारी के दौर के बीच राज्य शासन द्वारा किसानों को बोनस राशि जारी किए जाने से किसानों ने राहत की सांस ली है। राजीव गांधी पुण्यतिथि के अवसर पर राज्य शासन ने न्याय योजना की पहली किस्त किसानों के खाते में जमा कर दी है।
वहीं अब किसान अपनी राशि को निकालने के लिए जिला सहकारी बैंक पहुंच रहे हैं। जिसके कारण बैंक में भीड़ लग रही है। जहां पर किसानों को लंबी लाइन लगाकर घंटों खड़ा होना पड़ रहा है। जहां पर किसी प्रकार की शारीरिक दूरियों का पालन नहीं हो रहा है। बैंक प्रबंधन के द्वारा भी किसी भी प्रकार की कोरोना गाइड लाइन का पालन नहीं करवाया और देखा जा रहा है।
जिले में कोरोना संक्रमण को देखते हुए किसानों को आनलाइन लेनदेन की सलाह दी जा रही है। जिले की 41 शाखाओं के 132 सोसाइटी के माध्यम से किसान लेनदेन कर रहे हैं। वहीं जिले में बैंक प्रबंधन द्वारा किसानों को 27 एटीएम मशीन की सुविधा दी गई है। बावजूद किसान अपने पैसे निकलने बैंक पहुंच रहे हैं।
