राजनांदगांव, शहीद वीर नारायण सिंह का शहादत दिवस बुधवार को आदिवासी समाज द्वारा फरहद चौक में मनाया गया। कार्यक्रम में महापौर मधुसूदन यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह का आजादी में प्रमुख योगदान रहा है। उन्हें आज हम इसलिए याद कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने एक समाज ही नहीं बल्कि देश की आजादी के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और अपने आप को बलिदान कर दिए।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक पदाधिकारियों की मौजूदगी रही। महापौर यादव ने कहा कि आदिवासी समाज ने अनेक महापुरुष दिए, जिन्होंने हिन्दुस्तान के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि इस पावन दिवस पर फरहद चौक का नाम शहीद वीर नारायण सिंह चौक करने की घोषणा करता हूं। इसके अलावा समाज की मांग पर उनकी प्रतिमा लगाने तथा चौक में हाई मास्ट लाइट लगाने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने समाज के लोगों से आव्हान किया कि शहीद वीर नारायण सहित समाज व देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि देने समाज हित में कार्य कर समाज का नाम रोशन करें।
अमर साहस का प्रतीक बना यह चौक कार्यक्रम में चौक का नामकरण, प्रतिमा स्थापना तथा हाई मास्ट लगाने की महापौर द्वारा घोषणा करने पर समाज के लोगों ने उनका पगड़ी पहनाकर आभार व्यक्त किया। साथ ही कहा कि आज के इस शहादत दिवस के पावन अवसर पर रेवाडीह फरहद चौक एक नई पहचान पाई है। आज यह चौक केवल एक स्थान ही नहीं रहा बल्कि शहीद वीर नारायण सिंह जी के अमर साहस का प्रतीक बन गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों का उज्जवल कसेर, सूर्यकांत श्रीवास, पुरंदर लाल उइके, रोम सिंह मंडलोई, डेविड कुमार भूआर्य, प्रहलाद ठाकुर, ईश्वर चंद्रवंशी, बीएन धनगुन, लाल देव तारम, देवसिंह अमेला, क्षितिज सोरी, राजकुमार सलामे, सुरेन्द्र मण्डावी, खोरबाहरा राम साहू आदि ने पुष्पहार से स्वागत किया।






