छत्तीसगढ़ में अब कोरोना का संक्रमण शहरों में कम होकर तेजी से गांवों को अपनी चपेट में ले रहा है. दो-ढ़ाई सौ की आबादी वाले गांवों में 40 से 50 लोग कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं. जिसको लेकर अब सरकार भी चिंतित है. छत्तीसगढ़ के धमतरी के बेलर ब्लॉक के वनांचल क्षेत्र में स्तिथ ये गढ्डोंगरी गांव है, जिसकी आबादी महज 250 के आसपास है. इस गांव में 43 लोग कोविड पॉजिटिव हैं और 1 व्यक्ति की मौत हो चुकी है. जिसके चलते इस पूरे गांव को कंटेनमेंट झोन बनाकर सील कर दिया गया है. संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिसके चलते अब लोगों मे दहशत का माहौल है.
हमारा गांंव एक छोटा सा वनांचल गांव है. यहां 4 मई को पहला टेस्ट आया उसके बाद 1 संदिग्ध की मौत हो गई. वो भी कोरोना पॉजिटिव था. अभी गांव में 42 लोग पॉजिटिव हैं. पूरी तरह दहशत फैली हुई है. हमारे यहां शादी के चलते कोरोना का संक्रमण फैला. पूरे गांव को सिलकर कंटेनमेंट झोन बना दिया गया है. और सबको कह दिया गया है कि घर से न निकले.
ये हाल अकेले धमतरी के गढ़ डोंगरी का नहीं, बल्कि छत्तीसगढ के सभी गांवों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है. दंतेवाड़ा जिले के गीदम ब्लॉक का ये जोडासराई गांव है. जिसकी आबादी तो महज 200 है यहां 40 लोग कोरोना पॉजिटिव है. जिसके चलते गांव में मेडिकल कैम्प लगाना पड़ा. गांव के अंदर आने वाले रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया गया है. यहां गांव वालों का कहना है कि गांव मे स्वास्थ्य सुविधाएं नही है. कुछ ग्रामीण दूसरे राज्यो में मिर्ची तोड़ने गए थे जिसके चलते संक्रमण फैला.
रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ जैसे शहरी आबादी वाले जिलों में जहां रोजाना 200-300 की औसत से पॉजिटिव केस आते थे, वहां तो इनमें कमी आकर ये अब रोजाना 200 से 500 के आंकड़े पर पहुंच गए हैं, लेकिन बस्तर के 7 जिलों, सरगुजा के 5 जिलों, कवर्धा, मुंगेली,मरवाही जैसे जिले जो पूरी तरह वनांचल हैं. जिनकी 85 प्रतिशत आबादी गांवों में बसती है वहां संक्रमण 6 गुना तेजी से बढ़ रहा है. कुछ दिनों पहले तक यहां 50 से 100 के करीब केस सामने आते थे, लेकिन अब ये आंकड़ा 500 से 600 की औसत से सामने आ रहा है. अब सरकार भी इससे चिंतित हो गई है. क्योंकि छत्तीसगढ़ की 75 प्रतिशत जनता गांवों में बसती है.
