देश में कोरोना महामारी के दौरान जरूरी सेवाओं और उपकरणों के वितरण पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। हालांकि तकनीकी कारणों की वजह से कोर्ट की सुनवाई रद्द करनी पड़ी। अब गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में दोबारा सुनवाई होगी। केंद्र सरकार की ओर से राज्यों और अस्पतालों को जरूरी मेडिकल उपकरण किस तरह बांटे गए, इस पर कोर्ट स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई कर रहा था।
तकनीकी खराबी के चलते सुनवाई टली
तकनीकी खराबी की वजह से सुप्रीम कोर्ट में मेडिकल उपकरणों को लेकर हो रही सुनवाई फिलहाल टल चुकी है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस सुनवाई में जज और वरिष्ठ वकील तक डिस्कनेक्ट हो रहे थे। यही नहीं सुनवाई से पहले एक अजीब स्थिति भी पैदा हुई। पी चिदंबरम के बैकग्राउंड से सोनिया गांधी का भाषण भी सुनाई दिया, जिसके बाद कपिल सिब्बल ने कहा कि प्लीज बंद किया जाए इसे।
सुप्रीम कोर्ट में केंद्र ने दायर किया हलफनामा
इधर केंद्र और राज्यों के बीच कोविड -19 टीकों की अलग-अलग कीमतों को खत्म करने के सुप्रीम कोर्ट के सुझाव पर केंद्र सरकार ने कहा है कि महामारी के समय इन मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप के लिए बहुत कम जगह है। सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में केंद्र ने कहा कि राज्यों के अनुरोध के बाद 18-44 आयुवर्ग के लोगों को टीकाकरण अभियान में मंजूरी दी गई थी। केंद्र ने वैक्सीन निर्माताओं को सभी राज्यों को समान कीमतों पर टीके की आपूर्ति करने को कहा था।
केंद्र का कहना है कि 18-44 साल के नागरिकों को भी टीकाकरण मुफ्त में मिल रहा है क्योंकि सभी राज्य सरकारों ने 18-44 आयुवर्ग समूह के लिए मुफ्त टीकाकरण की घोषणा की है।
