प्रदेश में विधानसभा चुनाव से नौ महीने पहले सत्ताधारी दल भाजपा को जिल पंचायत चुनावों में तगड़ा झटका लगा है। कुल 3050 सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा को महज 543 सीटों पर जीत या बढ़त मिली है। वहीं सपा 699 सीटों पर जीत या बढ़त बना हुए है। 75 जिलों के नतीजों में से सिर्फ 13 में ही भाजपा दहाई के आकड़े तक पहुंच पाई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 40 में से भाजपा महज 7 और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के क्षेत्र लखनऊ की 25 में से महज तीन सीटें जीत सकी है। वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ के जिले गोरखपुर में 68 में से 26 सीटें तो जोतीं पर स्पष्ट बहुमत नहीं मिल सका है। अवेध्या में वह 8 सीट पर सिमट गई। वहीं, सोनिया गांधी के चुनाव क्षेत्र रायबरेली में भी 52 सीटों में से सपा ने 12 जीतीं, तो कांग्रेस-भाजपा को 9-9 सीटें ही मिलीं।
बसपा, रालोद, कांग्रेस, सुभासपा, अपना दल और आप ने भी कुछ जिलों में जीत दर्ज की है। निर्दलीय व अन्य 961 सीटों पर आगे हैं। पश्चिम में किसानों की नाराजगी का सीधा लाभ सपा-बसपा के अलावा राष्ट्रीय लोकदल को मिला है। हालांकि, कई जिलों में मतगणन तीसरे दिन भी देर रात तक जारी थी। प्रत्याशि को विजेता घोषित किए जाने के बावजू प्रमाणपत्र नहीं दिए जाने की शिकायतें भी आ रह है।
