रायपुर। कोरोना महामारी के कारण कई लोगों की नौकरी छूट गई है। कई शहर से गांव की ओर रूख कर चुके हैं तो कई लोग ऐसे हैं कि जो इस आपदा को अवसर पर बदल दिया है। जहां पहले ये लोग दूसरे के यहां काम करते थे, लेकिन महामारी के प्रकोप और लाकडाउन के कारण नौकरी छूट गई है। ऐसे में उनके सामने परिवार की भरण-पोषण की समस्याएं खड़ी हो गई। हिम्मत नहीं हारने वाले भी कम नहीं हैं।
कुछ इसी तरह बोरियाखुर्द निवासी राजू गुप्ता की कहानी है। वे पेशे से बिजली मैकेनिक का कार्य कर करते है, लेकिन 2020 में लाकडाउन के दौरान उनकी नौकरी छूट गई। परिवार के सामने खाने-पीने की समस्या खड़ी हो गई। इन सबको देखते हुए वे अपनी गाड़ी में बिजली के सामान खरीदकर खुद ही चलती-फिरती बिजली दुकान खोल दी है। आज वे राजधानी के विभिन्न इलाकों में बिजली से संबंधित समस्या पर घर बुलाने पर पहुंच जाते है।
उनका कहना है कि किसी भी कार्य को सीखने से व्यर्थ नहीं जाता है। लोग इस भ्रम में नहीं रहे कि नौकरी छूट गई है तो हम क्या करेंगे। इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है। बशर्ते किसी भी कार्य करने का जज्बा जरूर होना चाहिए। इससे सफलता मिलने से कोई नहीं रोक सकते है।
कूलर पंखे, बटन आदि सामान लेकर पहुंचते हैं घर
राजू अपनी छोटे सी बाइक में बिजली से संबंधित कई तरह के सामान लेकर चलते हैं। घर, आफिस बुलाने पर कूलर, पंखे समेत बिजली बटन, वायरिंग करना, मिक्सी सुधारना, बल्ब लगाना जैसे कई तरह के कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि मेरा मकसद सिर्फ रोजी-रोटी कमाना नहीं है, बल्कि लोगों को घर में किसी भी छोटे कार्य के लिए भटकना न पड़े है। अभी महामारी का दौर है। ऐसे में घर से छोटे-छोटे कार्य के लिए बाहर निकलने पर खतरा बना रहता है। उन्होंने बताया कि कई बार ऐसा होता है, लोग देखते हुए अपने घर बुलाकर बिजली से संबंधित कार्य सुधरवाते हैं।
