Home छत्तीसगढ़ सियासी पारा गर्म: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की बिहार चुनाव में अहम भूमिका?

सियासी पारा गर्म: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की बिहार चुनाव में अहम भूमिका?

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रायपुर
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ उनका घर है और यहां का सनातनी वातावरण देश में सबसे समृद्ध है, इसलिए वे त्यौहार मनाने और सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होने आते हैं।

बिहार चुनाव और गौ रक्षा का संदेश
शंकराचार्य ने कहा कि गौ माता की रक्षा की शपथ लेने वाले उम्मीदवार के लिए वे वोट की सिफारिश करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो उम्मीदवार गौ रक्षा की बात किए बिना वोट मांगेंगे, उन्हें वोट देने से गौ हत्या का पाप लगेगा। उन्होंने कहा, “संकल्प घोषित करना और शपथ पूर्वक बोलना अलग है। शपथ लेकर पलटना पाप है। यदि कोई शपथ लेकर पलट जाए तो दोष उसका होगा, हमारा नहीं।”

ओवैसी पार्टी को समर्थन पर स्पष्टता
शंकराचार्य ने कहा कि जो भी गौ माता के लिए खड़ा होगा, वे उसका समर्थन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ओवैसी भी गौ माता को अपनी मां कहकर उनके लिए खड़े होंगे, तो उनका भी समर्थन किया जाएगा। “जो हमारी मां को अपनी मां कहेगा, वह हमारा भाई ही हुआ,” उन्होंने जोड़ा।

गौ माता को राज्य माता घोषित करने पर विचार
प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेन्द्र शास्त्री द्वारा गौ माता को राज्यमाता घोषित करने की मांग पर शंकराचार्य ने कहा कि घोषणा तो हो चुकी है, लेकिन कार्यान्वयन में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि गौ माता को राज्य माता घोषित किया जाए, तो वे उत्सव मनाने के लिए तैयार हैं। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का यह प्रवास छत्तीसगढ़ में धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ गौ माता संरक्षण और समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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