उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण का प्रसार तेजी से होने के कारण अधिकतर संक्रमित मरीज डर और तनाव से दम तोड़ रहे हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार डर और तनाव से शरीर की इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) घटने के अलावा ऑक्सीजन स्तर भी असंतुलित हो जाता है।
इच्छा शक्ति कमजोर होने से दवाओं का अपेक्षाकृत प्रभाव कम हो जाता है। यही कारण है कि कई लोगों के कोरोना संक्रमित होते ही कई अंगों के काम न करने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं फिजीशियन डॉ. कुमार जी. कॉल और वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. जनेंद्र कुमार ने बताया कि गंभीर बीमारी में मन में अगर डर घर कर जाए तो हार्ट अटैक, किडनी फेल्योर समेत मल्टी ऑर्गन खराब होने की समस्या बढ़ जाती है।
इससे मुख्य बीमारी को कंट्रोल करने में भी समस्या के साथ दूसरे कारणों से जान की जाने की स्थिति बन जाती है। किसी भी बीमारी की रिकवरी के लिए मरीज की इच्छा शक्ति बहुत महत्वपूर्ण योगदान निभाती है।
