अंबागढ़ चौकी। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ने एक महिला की जान ले ली। बता दें कि 55 वर्षीय अनिमा मंडल की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी उसे कोविड केयर सेंटर में डाल दिया गया था।
जबकि उसके पति और पोती ही संक्रमित थे। अनिमा लगभग 32 घंटे तक कोरोना संक्रमितों के साथ रही। स्वस्थ महिला को कोविड सेंटर में भर्ती किए जाने की खबर लगते ही स्वास्थ्य महकमा में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में अफसरों ने स्वस्थ महिला को डिस्चार्ज कर दिया। महिला के डिस्चार्ज होने बाद उसका दोबारा कोरोना जांच की गई। जिसकी रिपोर्ट पाजिटिव आई थी। रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद वे एक सप्ताह से होम आइसोलेशन में थी। मंगलवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठ रहे हैं। मृतक महिला का अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकाल के तहत स्थानीय मुक्तिधाम में किया गया। महिला की मौत का जिम्मेदार स्वास्थ्य विभाग व स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
नगर के वार्ड आठ निवासी 55 वर्षीय महिला अनिमा मंडल की मंगलवार मौत हो गई। एक सप्ताह पहले इस महिला के परिवार में उसके पति 62 वर्षीय सुनील मंडल व सात वर्षीय पोती मिष्ठी कोरोना जांच में पाजिटिव पाए गए थे। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते इस महिला को इनके पति व पोती के साथ ब्लाक मुख्यालय के वार्ड एक मेरेगांव कोविड केयर सेंटर में भर्ती कर दिया गया था। जबकि इस समय तक अनिमा मंडल की कोरोना जांच भी नहीं हुई थी। वह स्वस्थ थी। महिला को भर्ती करने से पहले केयर सेंटर में उसकी टेस्ट रिपोर्ट के संदर्भ में भी पतासाजी नहीं की गई। मामले की शिकायत व पीड़ित परिवार के आपत्ति के बाद इस महिला को कोविड केयर सेंटर से 32 घंटे बाद छोड़ा गया। लेकिन डेढ़ दिन केयर सेंटर में गुजारने के बाद जब वह बाहर निकली और उसका कोरोना जांच हुई तो वह पाजिटिव पाई गई। इसके बाद वह अपने घर में होम आइसोलेशन में थी। मृतका की 37 वर्षीय बेटी रंजीता मंडल ने बताया कि उसकी मां और वह दोनो निगेटिव थे। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की लापरवाहियों के चलते उन्हें कोविड केयर सेंटर में भर्ती कर दिया गया। रंजीता ने बताया कि उन्हें जब घर से 108 में ले जाया गया तो वह समझ रही थी की टेस्ट के लिए अस्पताल ले जा रहे हैं, लेकिन उन्हें कोविड सेंटर में भर्ती कर दिया गया। अनिमा मंडल की मौत को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व कोविड केयर सेंटर की एक बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। स्वजन अनिमा की मौत का जिम्मेदार स्थानीय प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को ठहराया है।
दुखों का पहाड़ टूट पड़ा इस महामारी ने ऐसी परिस्थितियां निर्मित कर दी है कि आदमी कोरोना प्रोटोकाल के चलते कई दुखद पहलुओं से गुजर रहा है। नगर के वार्ड आठ निवासी सुनील मंडल की 55 वर्षीय कोविड पाजिटिव पत्नी अनिमा मंडल की मंगलवार को मौत हो गई। वह स्वयं भी मंगलवार को कोविड केयर सेंटर से डिस्चार्ज हुआ है। वह खुद के बनाए घर में भी नहीं रह सकता और अपनी पत्नी के चल बसने का गम अपने परिवार व अपनी बिटिया व पोती के साथ साझा नहीं कर सकता। क्योंकि घर में उसकी 37 वर्षीय बेटी व सात वर्षीय पोती कोविड पाजिटिव व होम आइसोलेशन में हैं। इसलिए उसे इस दुख की घड़ी में घर भी नसीब नहीं हो रहा है। कोविड सेंटर से निकलने के चलते नाते रिश्तेदार भी उन्हें घर में रखने को तैयार नहीं हुए। आखिरकार वार्ड पार्षद सविता अनिल मानिकपुरी की पहल पर सुनील मंडल को नगर के एक सार्वजनिक भवन को अस्थाई निवास के लिए दिया गया है।
स्वजनों ने मामले की शिकायत की थी। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।’
-डा. आरआर धुरुवे, बीएमओ, अंबागढ़ चौकी।
