आपदा प्रभावित सुमना-2 इलाके में सोमवार को भी रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। रेस्क्यू के दौरान सुबह घटना स्थल से एक और शव बरामद किया गया, जिसके बाद मृतकों की संख्या 13 हो गई है। इससे पहले रविवार को दो शव बरामद हुए थे।
रविवार को वायु सेना के दो हेलीकॉप्टर द्वारा सुमना से 11 शव रेस्क्यू कर जोशीमठ लाए गए। अभी भी प्रभावित क्षेत्र में छह मजदूर लापता चल रहे हैं। इन मजदूरों की सेना के जवानों द्वारा ढूंढखोज की जा रही है। सुरक्षित बचे 384 मजदूरों को सेना कैंप में शरण दी गई है। वहीं, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा जोशीमठ-मलारी हाईवे पर मलारी से आगे बिछी बर्फ को हटाने का काम भी शुरू कर दिया है।
शुक्रवार को देर शाम सुमना-2 इलाके में भारी हिमस्खलन से बीआरओ के दो कैंप तहस-नहस हो गए थे। हादसे में 13 मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि सात मजदूर घायल हैं। सेना के जवानों द्वारा रात को ही रेस्क्यू कर 384 मजदूरों को सुरक्षित बचा लिया गया था। शनिवार को सेना की ओर सेे दो हेलीकॉप्टर प्रभावित क्षेत्र में लगाए गए और घायलों को हेलीकॉप्टर से लाकर सेना अस्पताल जोशीमठ में भर्ती किया गया।
चमोली की जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया और पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान लगातार जोशीमठ में रेस्क्यू ऑपरेशन की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। जोशीमठ में शवों के पोस्टमार्टम के लिए शव वाहन सहित पोस्टमार्टम टीम तैनात की गई है। जिलाधिकारी ने परिजनों को शवों की सुपुर्दगी करने तथा सभी मृतकों का शीघ्र मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश स्थानीय प्रशासन को दिए हैं।
