राजनांदगांव नवरात्र पर्व पर बसंतपुर स्थित कृषि उपज मंडी दुर्गा उत्सव समिति द्वारा मंडी परिसर में बाबा केदारनाथ धाम बनाया गया है। करीब 55 फीट ऊंचा बाबा केदारनाथ का मंदिर बना कर इसमें मां बम्लेश्वरी देवी की नगरी डोंगरगढ़ से एक विशाल शिला लाकर स्थापित की गई है। शिला केदारनाथ मंदिर की असली शिला की तरह है। इस शिला की लंबाई एवं चौड़ाई करीब 4 से 5 फीट है जिस मुख्य मंदिर में स्थापित किया गया। मंदिर को बाबा केदारनाथ धाम और मंदिर का स्वरूप दिया गया है।
भक्त बाबा केदारनाथ का दर्शन करने पहुंच रहे हैं। मंडी परिसर में विशाल पंडाल सजा कर मांग दुर्गा की विशाल प्रतिमा विराजित की गई है। इस पंडाल और केदारनाथ धाम को रंगी विद्युत झालरों से सजाया गया है। पहाड़ों के बीच से मां मनसा के चित्रों का दर्शन करते भक्त आगे बढ़ते है। केदारनाथ धाम मंदिर परिसर के किनारे विशाल सफेद रंग के पहाड़ बनाए गए और यहां ठंडकता महसूस होती है। कोलकाता के कारीगरों ने धाम तैयार किया इसमें उपयोग आने वाले बांस कोरबा से मंगाए जिनकी लंबाई करीब 25 फीट है।
मंडी परिसर में मेले में खानपान सहित अन्य दुकानें लगी हुई हैं मंडी परिसर में लगे नवरात्र मेले का आनंद लेने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहें है। यहां विशाल झूले और खिलौनों की दुकानें सजी है। खानपान की सामग्री की दुकानों में लोग इसका आनंद ले रहे। श्रद्धालु भक्तों के लिए रोज प्रसादी भंडारा का आयोजन किया जा रहा है। इसमें समिति के सदस्य भक्तों को प्रसादी वितरण में सहयोग करते है। भीड़ को नियंत्रित करने समिति सदस्यों को विभिन्न स्थानों में तैनात किया गया है। शाम होते ही यहां बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते है। यहां पार्किग की व्यवस्था है।
धार्मिक और पर्यटन स्थलों से जुड़ी चित्रकारी भी यहां पर की गई है रंगीन रोशनी वाले झूमरों के बीच से चल कर बांस और टोकरियों से बनी एक विशालकाय गुफा से बाबा केदारनाथ थाम में एंट्री होती है। यहां विशाल पर्दों में रंग.बिरंगे धार्मिक और पर्यटन स्थलों से जुड़ी चित्रकारी की गई है। इसके बाद बाबा केदारनाथ का विशाल मंदिर दिखाई देता है। मंदिर के भीतर सुनहरे रंग से साज सज्जा की गई। इसमें ओम क आकृति एवं कला का प्रदर्शित किया गया है। वहीं बीच में डोंगरगढ़ से लाई गई विशाल शीला को स्थापित किया गया है। इसके सामने विशालकाय नंदी महाराज बैठे हैं।
