डोंगरगढ़ । धर्मनगरी डोंगरगढ़ में ऊपर पहाड़ी स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर के रास्ते पर शिव मंदिर के पास बनी 20 दुकानें रविवार दोपहर आग में जलकर स्वाहा हो गईं। लाकडाउन की वजह से सभी दुकानें बंद थी। दोपहर में अचानक धुआं देख लोग मंदिर पहुंचे। लोगों ने आगजनी की खबर मंदिर समिति और दमकल कर्मियों को दी। इस दौरान लोग खुद ही बाल्टी व अन्य बर्तनों से पानी लाकर आग बुझाने में जुटे रहे। करीब डेढ़-दो घंटे बाद दमकल की टीम मौके पर पहुंची, तब तक आग एक से बढ़कर 20 दुकानों तक पहुंची चुकी थी। वहीं सभी दुकान आगजनी में जलकर राख तक हो गई थी। आग लगने का कारण पता नहीं चला है। बताया जा रहा है कि आग पहले पहाड़ी के जंगल में लगी, जो भभककर दुकानों तक पहुंच गई। शाम छह बजे दमकल कर्मियों ने आग बुझा ली, जिसके बाद दुकानदारों ने राहत की सांस ली।
दो घंटे में दुकानें हो गई खाक मंदिर के सीढ़ी वाले रास्ते में प्रसाद की दुकानों में लगी आग दो घंटे में 20 दुकानों को चपेट में ले लिया। सभी दुकानें जलकर खाक भी हो गईं। आगजनी को देख धर्मनगरी के लोगों में हड़कंप मच गया। जैसे ही आगजनी की खबर दुकानदारों तक पहुंची सभी घटनास्थल पर पहुंचे और आग बुझाने मशक्कत की। बताया गया कि पहाड़ी पर दोपहर साढ़े तीन से चार बजे के बीच धुआं देखा गया, जिसके बाद लोग सीधे मंदिर पहुंचे थे।
मंदिर बंद होने से दुकानें भी बंद कोरोना महामारी के चलते धर्मनगरी भी लाकडाउन है। इसके कारण मंदिर भी बंद है। मंदिर में आम लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित होने की वजह से दुकानें भी बंद है। आगजनी में दुकानें जलने से दुकानदारों को काफी नुकसान हुआ। ज्ञात हो कि दो साल पहले भी यहां दर्जनभर से अधिक दुकानों में आग लगी थी। उसी समय से मंदिर समिति ने आगजनी पर काबू पाने के लिए पानी की पाइपलाइन बिछाई है, जिससे आग पर काबू पाया जा सकें। डोंगरगढ़ टीआइ अलेक्जेंडर किरो ने कहा कि आगजनी का कारण फिलहाल पता नहीं चला है। घटना की जांच की जा रही है।
