राजनांदगांव । कोरोना वायरस संक्रामक शासन प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है, अगर समय से पहले शासन प्रशासन रोकथाम के लिए पूरा मुस्तैदी के साथ कोरोना वायरस गाइडलाइन का पालन करते हुए जमीनी स्तर पर काम करते तो आज राजनंदगांव जिला सहित छत्तीसगढ़ में तेजी से संक्रामक रोग नहीं बढ़ते ठीक इसी प्रकार इंजेक्शन जो अति आवश्यक रेमडीसिविर इंजेक्शन आज के दौर में है, इसमें भी कालाबाजारी करने वालों की हौसला बुलंद और जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सिर्फ रोकथाम के लिए बहाना बाजी करके अपने रोजी रोटी कमाने में लगे हुए हैं, अगर इस रेमडीसिविर इंजेक्शन की रोकथाम पहले से एक सिस्टम के साथ रिकॉर्ड मेंटेन जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के निगरानी में रहते तो आज विभिन्न हॉस्पिटलों में रेमडीसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी नहीं होते और आसानी से जरूरतमंद व्यक्ति को उपलब्ध हो जाते हैं, भारतीय जनता पार्टी अल्प संख्या मोर्चा के प्रदेश सदस्य परवेज अहमद पप्पू ने जिला प्रशासन एवं स्वास्थ विभाग को आड़े हाथ लेते हुए बताया कि रेमडीसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी में जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग स्वयं लिप्त होने के कारण इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वालों की हौसला बुलंद है, अगर चाहे तो जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग रेमडीसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी रोक सकते हैं, और हॉस्पिटल में पूरी रिकॉर्ड मेंटेन करते हुए जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को शासकीय हॉस्पिटल हो या प्राइवेट हॉस्पिटल में कालाबाजारी करने वालों की पसीना छूट जाते हैं, और अगर किसी भी हॉस्पिटल में कालाबाजारी करते हैं, पाए जाते हैं, तो उसके ऊपर सीधा 420 का मामला पुलिस थाना में एफ आई आर करते हुए हॉस्पिटल की लाइसेंस को रद्द किया जाना चाहिए तभी रेमडीसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी रुक सकते हैं, लेकिन जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग जानबूझकर रेमडीसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी में जानबूझकर रोकथाम नहीं करना यह भी एक संदेह के दायरे में है। श्री अहमद ने आगे बताया कि अगर एमडीसिविर इंजेक्शन की जिले में किसी भी हॉस्पिटल या एजेंसी में अगर कंपनी डील करता है, तो इसकी जानकारी कंपनी से सीधे जिला प्रशासन व स्वास्थ विभाग को पहले अवगत कराने की व्यवस्था जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग को करना चाहिए तथा पूरे रिकॉर्ड कंपनी से सीधे जिला प्रशासन कोई जानकारी के बगैर जिले के किसी भी हॉस्पिटल में मेडिकल एजेंसी में उपलब्ध नहीं होनी चाहिए अगर इस प्रकार से रेमडीसिविर इंजेक्शन पर कालाबाजारी से रोक लगाते हैं तो निश्चित तौर पर जरूरतमंद लोगों को आसानी से यहरेमडीसिविर इंजेक्शन उपलब्ध हो सकता है।
