हॉस्पिटलों में फायर फाईटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित हो
नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों की बैठक
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कोविड हॉस्पिटल और कोविड केयर सेंटर के नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों की बैठक लेकर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि गर्मी में तकनीकी खराबी के कारण आगजनी की संभावना बनी रहती है। इस पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। हॉस्पिटलों में फायर फाईटिंग की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए। हॉस्पिटल में आगजनी की घटनाएं होने पर लिफ्ट और सीढ़ी की व्यवस्था भी होनी चाहिए। सभी नोडल अधिकारी हॉस्पिटल के निरीक्षण के दौरान आग से सुरक्षा की व्यवस्था की जानकारी जरूर लें। उन्होंने कहा कि एम्स की गाईड लाईन के अनुसार कोविड ट्रिटमेंट के लिए रेमडिसिविर इंजेक्शन को हटाया गया है। रेमडिसिविर इंजेक्शन का उपयोग सभी जांच होने के बाद जब जरूरत हो तो विशेषज्ञों की सलाह पर ही इसका उपयोग किया जाए। इसका उपयोग डॉक्टर की निगरानी में ही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी निरीक्षण के दौरान मरीजों के परिजनों से भी बात करें। कुछ हॉस्पिटल सुविधाएं होने पर भी मरीजों की भर्ती नहीं ले रहे हैं। इसका भी ध्यान रखा जाए। शासन द्वारा कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए दर तय किया गया है। इसके अनुरूप ही बिलिंग होनी चाहिए। इस कठिन दौर में सभी हॉस्पिटलों को समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए।
कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा ने कोविड केयर सेंटर तथा हॉस्पिटल में भोजन, साफ-सफाई, पानी तथा अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित मरीज हॉस्पिटल से ठीक होने के बाद घर पर आईसोलेशन में रहे। जिन घरों में कोरोना पॉजिटिव मरीज आईसोलेशन में है वे थर्मामीटर और ऑक्सीमीटर साथ में रखें। थोड़े समय के अंतराल में ऑक्सीजन सेचुरेशन की जांच करते रहें। ऑक्सीजन सेचुरेशन लगातार कम होने पर अलर्ट हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते हुए कोरोना मरीजों की संख्या चिंता का विषय है।

यहां कड़ाई से कंटेनमेंट जोन का पालन सुनिश्चित होना चाहिए। कोविड केयर सेंटर में इलाज की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। ग्राम पंचायतों में कोरोना की रोकथाम के लिए उन्हें जागरूक करने की जरूरत है। वैक्सीनेशन, मास्क लगाने एवं अन्य प्रोटोकाल का पालन करने के लिए सजग करें।
कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि कोरोना संक्रमित मरीजों की मृत्यु होने पर उनके शव के डिस्पोज में अधिक समय नहीं लगना चाहिए। कोरोना से मृत्यु होने पर मेडिकल सर्टिफिकेट की रिपोर्ट परिजनों को जल्द ही प्रदान करें। जिससे बीमा कंपनियों में क्लेम करने में सुविधा होगी। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी सहित कोविड हॉस्पिटल और कोविड केयर सेंटर के नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी उपस्थित थे।
