डोंगरगांव । छुरिया ब्लाक अंतर्गत हाईस्कूल बेलरगोंदी में पदस्थ एक लिपिक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस मामले में मृतक के स्वजनों ने पुलिस से जांच की मांग की है। मृतक का नाम निखिलेश विलियम दास उम्र करीब 46 वर्ष था। वह हाईस्कूल बेलरगोंदी में वर्ष 2016 से पदस्थ था। मूलतः राजनांदगांव निवासी मृतक निखलेश विलियम डोंगरगांव में उमेश श्रीवास्तव के घर पर किराए में रहता था। उमेश श्रीवास्तव भी डोंगरगांव ब्लाक के हाईस्कूल आसरा में क्लर्क है। उमेश श्रीवास्तव तो सपरिवार निवासरत हैं। लेकिन उनके घर में किराए पर मृतक अकेले रहता था। उनकी पत्नी मंजूषा दास राजनांदगांव के किसी निजी अस्पताल में नर्स है और वह यहां अपने बच्चों के साथ निवासरत है। घटनाक्रम यह हुआ कि विगत रविवार की सुबह निखिलेश विलियम दास की अचानक मौत हो गई। उनके मुंह से निकले झाग को देखकर ही इसे संदेहास्पद मानते हुए उनकी पत्नी मंजूषा दास ने पुलिस से निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है। इस बारे में उन्होंने थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई है।
0 किराएदार के घर पर हुई मौत मृतक की पत्नी ने इस बात को स्वीकार किया है और डोंगरगांव पुलिस का भी कहना है कि मृतक शराब पीने का आदी था। लेकिन मृतक के मुंह से झाग निकलने की घटना ने पूरे मामले को संदेहास्पद बना दिया है। मंजूषा दास ने बताया कि उनके पति के अंतिम संस्कार में उमेश श्रीवास्तव भी शामिल हुए थे, तब उन्होंने उनसे अपने मृत पति की सेवा पुस्तिका और बैंक पासबुक सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों को वापस देने की मांग की गई, तब श्रीवास्तव द्वारा उनसे कहा गया कि तुमको अपने पति की सेवा पुस्तिका और सभी दस्तावेज चाहिए तो तुमको कोर्ट में जाना होगा। कोर्ट आदेश करेगा तभी तुमको दस्तावेज मिल सकता है। दरअसल मृतक की पत्नी मंजूषा की मानें तो पूरा मामला काफी पेचिदा और संदिग्ध है। क्योंकि मृतक निखिलेश विलियम दास की सेवा पुस्तिका में उत्तराधिकारी के रूप में मंजूषा का नाम दर्ज होने की बजाय उमेश श्रीवास्तव की पत्नी का नाम दर्ज है। मंजूषा ने इस बात को लेकर हैरानी भी जताई कि जब वह स्वयं जीवित हैं तो उनके बजाय मकान मालिक यानि उमेश श्रीवास्तव की पत्नी का नाम उनके स्वर्गीय पति की सेवा पुस्तिका में आखिर दर्ज कैसे है।
0 सेवा पुस्तिका में मृतक की पत्नी की जगह मकान मालिक की पत्नी का नाम मंजूषा दास ने स्पष्ट किया कि उनके पति की पहली पदस्थापना सुकुलदैहान हाईस्कूल में हुई थी, तब सेवा पुस्तिका में उनका नाम दर्ज था। लेकिन आगे चलकर उनकी जगह किसी और की पत्नी का नाम कैसे दर्ज हो गया, यह बात उनकी भी समझ में नहीं आ रही है। विभागीय सूत्रों ेकी मानें तो किसी भी हाई या हायर सेकंड्री स्कूल के शासकीय सेवक की सेवा पुस्तिका उसके फर्स्ट बास यानि प्राचार्य के पास ही जमा रहती है, ऐसे में यह जांच का विषय है मृतक को सेवा पुस्तिका को अपने पास रखने का अधिकार आखिर किसने दिया और उसमें मृतक की पत्नी की जगह दूसरे की पत्नी का नाम आखिर किसने, किसकी अनुमति से और किस आधार पर दर्ज किया है। इस बारे में हाईस्कूल बेलरगोंदी की पहले प्रभारी प्राचार्य रही त्रिनेत्र साहू का कहना है कि मृतक का कामकाज अच्छा था। कई बार वे शराब के नशे में भी ड्यूटी में आते थे। लेकिन कभी उन्होंने किसी से कोई दुर्व्यवहार या बदसलूकी भी नहीं की। मृतक निखिलेश विलियम दास आफिस के कामकाज को लेकर हमेशा ईमानदार रहे। वे हमेशा समय पर ड्यूटी आना-जाना करते थे। स्टाफ में उनका सबके साथ अच्छा व्यवहार था। उनकी सेवा पुस्तिका उनके घर में कैसे मिली। इसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। बताया जाता है कि मृतक को विभागीय कामकाज और लिपिकीय कार्य का अच्छा ज्ञान था, इस कारण कई बार उन्हें उमेश श्रीवास्तव अपने साथ आसरा हाईस्कूल लेकर भी जाते थे और कामकाज को पूरा करते थे।
0 पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज इस बारे में डोंगरगांव थाना प्रभारी केपी मरकाम का कहना है कि मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है, जिसकी रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। पीएम रिपोर्ट के बाद ही मामले का खुलासा हो सकता है। मरकाम ने कहा कि मृतक शराब पीने का आदी था, यह बात जांच में सामने आई है। वह काफी समय से अपनी पत्नी व बच्चों से मिलने भी नहीं जाता था और डोंगरगांव में ही उमेश श्रीवास्तव के मकान में किराए पर रह रहा था। मृतक के मुंह से झाग निकला होने के कारण मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। सेवा पुस्तिका में मृतक की पत्नी की जगह दूसरे की पत्नी का नाम दर्ज होने की जानकारी उन्हें नहीं है। विवेचना जारी है।




