राजनांदगांव। शासकीय कमलादेवी राठी स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय राजनांदगांव में छात्राओं के लिए विवाह पूर्व परामर्श कार्यक्रम का अयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है। इसी कड़ी में 6 अप्रैल 2021 ए दिन मंगलवार को ऑनलाईन विवाह पूर्व परामर्श सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारम्भ प्राचार्य डॉण्सुमन सिंह बघेल द्वारा किया गया। उन्होंने इस अवसर पर विवाह पूर्व परामर्श के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिला महाविद्यालय में इस प्रकार के कार्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। छात्राओं को इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। कार्यक्रम में 22 छात्राओं ने भाग लिया और विवाह से संबंधित आशंकाओं का समाधान प्राप्त किया। छात्राओं के कुछ प्रश्न थे क्या बच्चे होने के बाद शादी-शुदा जीवन में कोई अंतर आता है? प्रेम विवाह अधिक सफल होता है कि माता-पिता द्वारा तय किया गया विवाह? विवाह के पश्चात परिवार में कैसे समयोजन करें? कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ के रूप में मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. बसंत कुमार सोनबेर उपस्थित थे। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए विवाहित जीवन को सफलतापूर्वक जीने में मनोविज्ञान की महत्ता को समझाया। परामर्शदाता के रूप में स्थानीय मनोवैज्ञानिक डॉ. मोना माखिजा आमंत्रित थी। उन्होंने आपसी सामंजस्य और बातचीत द्वारा समस्याओं को हल करने पर जोर देते हुए कहा कि पति-पत्नी को एक-दूसरे के भावनाओं का निरंतर सम्मान करना चाहिए। यही सफल वैवाहिक जीवन का आधार है। मनोविज्ञान विभाग भविष्य में ऐसे अन्य कार्यक्रम भी आयोजित करता रहेगा, ताकि छात्राओं को अधिक से अधिक लाभ हो।






