राजनांदगांव । बसंतपुर स्थित मेडिकल कालेज अस्पताल के अधीक्षक के कक्ष में तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने प्रदेश युवा कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन निखिल द्विवेदी और दो कांग्रेसी पार्षद ऋषि शास्त्री और शरद पटेल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. आरके दुलानी और सचिव डा. पवन जेठानी की शिकायत पर धारा 186 और 294 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। तीनों को शाम करीब छह बजे न्यायालय में पेश किया, जहां से गिरफ्तारी के चार घंटे बाद जमानत मिल गई।
एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. दुलानी ने कहा कि इन्होंने कोरोना काल में भी सेवाएं दे रहे डाक्टरों पर आरोप लगाया है। वहीं स्टाफ नर्सों के साथ गाली-गलौज की है। अधीक्षक कक्ष में तोड़फोड़ किया है। इस पर निखिल ने कहा कि हमने कुछ गलत नहीं किया है। अस्पताल की अव्यवस्था के कारण राज्य सरकार पर उंगलियां उठ रही हैं, जबकि अस्पताल की जिम्मेदारी अधीक्षक की है। इमरजेंसी जैसे हालात में भी डाक्टर मरीजों के स्वजन ही नहीं, स्टाफ नर्सों का भी फोन नहीं उठाते हैं। अधीक्षक की इसी लापरवाही की वजह से मरीजों को मेडिकल अस्पताल होने के बाद भी इलाज की बेहतर सुविधा नहीं मिल रही है।
00 जानिये क्या है पूरा मामला मेडिकल अस्पताल के जचकी वार्ड में बीते बुधवार की रात गर्भवती प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। इमरजेंसी के हालात थे। रोज की तरह पार्षद ऋषि शास्त्री अस्पताल की व्यवस्था का निरीक्षण करने पहुंचे तो जचकी वार्ड में कई स्वजनों ने डाक्टर नहीं होने की शिकायत की। वार्ड में एक पाजिटिव प्रसूता भी थी, जो अपने नवजात बच्चे को दूध पिलाने के बारे में जानकारी लेने बैठी थी। डाक्टर नहीं होने के कारण वो भी मायूस बैठी थी। इसको लेकर पार्षद ने अधीक्षक को फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इसके बाद युवा कांग्रेस के प्रदेश मीडिया विभाग के चेयरमैन निखिल द्विवेदी पार्षद शरद पटेल के साथ वहां पहुंचे। अस्पताल में कोई जिम्मेदार डाक्टर नहीं था। स्वजनों की शिकायत के बाद कांग्रेसियों ने अधीक्षक चेंबर के बाहर धरना दिया, बावजूद जब अधीक्षक नहीं आए तब कांग्रेसियों ने उनके कक्ष में तोड़फोड़ कर दी।
अधीक्षक की लापरवाही के कारण हो रहीं घटनाएं प्रदेश युवा कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन निखिल द्विवेदी ने कहा कि मेडिकल अस्पताल के अधीक्षक की लापरवाही के कारण ही अस्पताल में अव्यवस्था की स्थिति है। हमें अस्पताल के डाक्टर और स्टाफ नर्सों से कोई दिक्कत नहीं है। ये सभी बेहतर काम कर सेवाएं दे रहे हैं। व्यवस्था अधीक्षक की मनमानी की वजह है बिगड़ रही है। अस्पताल में जो घटनाएं हो रही है, उसके जिम्मेदार भी अधीक्षक है। उनकी अनदेखी के चलते अस्पताल में स्टाफ की कमी है। दवाइयों का टोटा रहता है। मानीटरिंग नहीं करने की वजह से डाक्टर भी नदारत रहते हैं। मरीजों को अस्पताल में बेहतर सुविधा नहीं मिल रही है। जनहित के लिए ही हमनें अस्पताल में प्रदर्शन किया था। निखिल ने कहा कि अधीक्षक के खिलाफ मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत की जाएगी।
