राजनांदगांव । छग माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षा 15 अप्रैल से शुरू होगी। विद्यार्थी संक्रमण व लाकडाउन के बीच परीक्षा दिलाएंगे। इधर, कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है, ऐसे में विद्यार्थियों पर संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। पालकों के साथ-साथ स्कूलों के शिक्षकों को बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। स्थिति को देखते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, शिक्षा मंत्री डा. प्रेमसाय सिंह टेकाम और प्रमुख सचिव शिक्षा डा. आलोक शुक्ला को ई-मेल कर परीक्षा स्थगित करने का सुझाव दिया है। इस बार कक्षा 10वीं की परीक्षा में करीब 19 हजार और 12वीं की परीक्षा में करीब 14 हजार बच्चे बैठेंगे। जिला प्रशासन ने संक्रमण को देखते हुए 10 अप्रैल से संपूर्ण लाकडाउन का आदेश जारी कर दिया है। लाकडाउन की अवधि में परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार से रोका नहीं जाएगा। एडमिट कार्ड दिखाकर सीधे परीक्षा केंद्र में जा सकेंगे।
0 संक्रमण की रफ्तार ने बढ़ाई चिंता जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार ने अफसरों के साथ शिक्षकों की नींद उड़ा दी है। फेडरेशन के प्रांतीय महामंत्री सतीश ब्योहारे ने बताया कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में संक्रमितों के साथ मृत्यु का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। कोरोना संक्रमण अब महामारी के रूप में तीव्रता के साथ पिछली बार की तुलना में और ज्यादा गति से फैल रहा है। कोरोना महामारी की चेन को तोड़ने के लिए, व्यक्तियों का समूह में एकत्रित नहीं होना ही प्रारंभिक उपाय है। फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष ने लिखा है कि कोरोना महामारी के हालात में 10 वीं एवं 12 वीं बोर्ड परीक्षा आयोजित करना आत्मघाती होगा। वर्तमान में परीक्षा की तैयारी की प्रारंभिक प्रक्रिया को स्थगित रखा जाना उचित होगा, ताकि कम्युनिटी संक्रमण की संभावना उत्पन्ना न हो। उन्होंने बताया कि कार्यालयों एवं विद्यालयों में स्टाफ कोरोना पाजिटिव मिल रहे हैं। अनेक लोगों की मौत भी हुई है। ऐसी परिस्थिति में परीक्षा के आयोजन का निर्णय भविष्य में समय काल परिस्थिति के आधार पर लिया जाना उचित होगा।
0 संक्रमित छात्र नहीं दे पाएंगे परीक्षा फेडरेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि 26 मार्च को माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव प्रोफेसर वीके गोयल को इन तथ्यों से अवगत कराया गया था। लेकिन उन्होंने फेडरेशन के सुझाव को आंशिक मानते हुए छह अप्रैल को जारी अपने आदेश में कोरोना संक्रमित छात्र को किसी भी परिस्थिति में परीक्षा में नहीं बैठने देने का उल्लेख किया है। फेडरेशन का कहना है कि परीक्षा केंद्र में यदि कोई संक्रमित विद्यार्थी बैठ जाता है तो क्या सभी विद्यार्थियों एवं उनके परिवार तक कोरोना संक्रमण नहीं पहुंचेगा? फेडरेशन का कहना है कि विगत वर्ष कोरोना संक्रमण के संभावना से बोर्ड परीक्षा स्थगित कर दी गई थी, लेकिन आज जब कोरोना संक्रमण महामारी अपने भयानक रूप में फैल रहा है तो माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड परीक्षा लेने की तैयारी कर रहा है।
0 गाइड लाइन का पालन जरूरी छत्तीसगढ़ बोर्ड ने 10वीं परीक्षाओं का शेड्यूल जारी करते समय कोविड-19 गाइडलाइंस का पालन भी अनिवार्य कर दिया है। इसके मुताबिक परीक्षा के समय सामाजिक दूरी रखते हुए सभी बच्चों को मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। सभी स्कूलों को कोविड-19 गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने का दिशा-निर्देश भी दिया गया है। साथ में यह भी कहा गया है कि जो भी स्कूल इन दिशा-निर्देशों का पालन गंभीरता से नहीं करेंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बोर्ड के आदेशानुसार परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। गाइड लाइन का गंभीरता से पालन किया जाएगा। सभी संस्था प्रमुखों को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं।- एचआर सोम, जिला शिक्षा अधिकारी
