राजनांदगांव । शहर में कई स्थान पर स्ट्रीट लाइट दिन में सूर्य की रोशनी में भी प्रकाश दे रही है। इससे न केवल बिजली की बर्बादी हो रही है, बल्कि नगर निगम पर अतिरिक्त आर्थिक भार भी पड़ रहा है। स्ट्रीट लाइट चालू व बंद करने की जिम्मेदारी बिजली कंपनी के पास है, लेकिन कंपनी के कर्मचारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। इससे निगम पर बिजली बिल का अनावश्यक खर्च बढ़ रहा है। एक तरफ तो सरकार बिजली बचाओ अभियान चलाती है, लेकिन इस पर सरकारी अमला कितना अमल करता है, यह देखने वाला कोई नहीं है। शहर में आलम ही कुछ अलग है। दिन के समय भी लाइट जलती नजर आती है।
शहरवासियों का कहना है कि बिजली कंपनी के पास उपभोक्ताओं के लिए बेशक बिजली न हो, लेकिन बर्बादी के लिए बिजली की कोई कमी नहीं है। इसलिए शहर में लगी स्ट्रीट लाइटें, गार्डन में दिन में भी बिजली जलती रहती है, लेकिन बिजली विभाग इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। शहर में ऐसी कई जगहें हैं, जहां दिनभर लाइट जलती रहती है। दूसरे स्थानों की बात कौन कहे, नगर निगम के सामने ही यह हाल है। खैरागढ़ ब्रिज, गार्डन, रामदरबार, रानीसागर रोड पर भी दिन में स्ट्रीट लाइट जलती रहती है। लोगों का कहना है कि एक तरफ आम लोग बिजली की आवाजाही से परेशान रहते हैं और दूसरी ओर दिन में स्ट्रीट लाइट जलाकर बिजली की बर्बादी की जा रही है।
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मुझे इसकी जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो गलत है। बिजली बचाने का जिम्मा हम सबका है।- अशुतोष चतुर्वेदी, आयुक्त, नगर निगम
